संसदीय समिति ने राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र में पदों को शीघ्र मंजूरी देने की सिफारिश की
संसदीय समिति ने राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र में पदों को शीघ्र मंजूरी देने की सिफारिश की
नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने बुधवार को राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) में पदों की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने की सिफारिश करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय संस्थान खुद के कैडर कर्मियों के बिना काम कर रहा है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने दोनों सदनों में बुधवार को पेश अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि एनसीएस की स्थापना के एक दशक बाद भी, इसके पास अपना कोई स्वीकृत पद नहीं हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2015 में स्थापित, एनसीएस पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) से लिए गए कर्मियों के जरिये काम कर रहा है।
एनसीएस देश भर में भूकंपीय गतिविधि की निगरानी करने, राष्ट्रीय भूकंपीय नेटवर्क को बनाए रखने, भूकंपीय खतरे का आकलन करने और भूकंप विज्ञान, भूकंप अध्ययन और गहरे बोरहोल अनुसंधान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समिति ने कहा कि यह समझ से परे है कि इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों वाला एक विशिष्ट राष्ट्रीय संस्थान अब भी वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक कर्मचारियों के विशेष कैडर के बिना काम कर रहा है।
समिति ने पाया कि ‘पृथ्वी’ योजना के तहत इन पदों के सृजन के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं और उसने इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की सिफारिश की।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश

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