संसदीय समिति घरेलू हिंसा के मामलों और उनके समाधानों पर गौर करेगी

संसदीय समिति घरेलू हिंसा के मामलों और उनके समाधानों पर गौर करेगी

संसदीय समिति घरेलू हिंसा के मामलों और उनके समाधानों पर गौर करेगी
Modified Date: June 23, 2026 / 05:42 pm IST
Published Date: June 23, 2026 5:42 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) संसद की एक अहम समिति ने महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा, महिलाओं और लड़कियों की तस्करी तथा पीड़ितों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर गौर करने का फैसला किया है।

‘‘महिलाओं का सशक्तीकरण संबधी समिति’’ 2026-27 जिन विषयों पर विचार करेगी उनमें जेलों में महिला कैदियों की हालत, महिला स्वास्थ्य कर्मियों के काम करने का माहौल और उनकी सुरक्षा शामिल हैं।

यह समिति मंत्रालयों में ‘जेंडर’ बजट और ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम’, 2013 के कार्यान्वयन की भी समीक्षा करेगी।

इस समिति का गठन पहली बार अप्रैल 1997 में 11वीं लोकसभा के दौरान किया गया था, जब महिलाओं की स्थिति सुधारने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो एक जैसे प्रस्ताव पेश किए गए थे।

इस समिति में 30 सदस्य होते हैं जिनमें लोकसभाध्यक्ष 20 सदस्यों को राज्यसभा के सभापति 10 सदस्यों को नामित करते हैं। इस समिति का कार्यकाल एक साल से अधिक नहीं होता और इसका हर साल पुनर्गठन किया जाता है।

समिति के सदस्यों से उम्मीद की जाती है कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए मिलकर काम करेंगे।

भाषा अविनाश पवनेश

पवनेश


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