लोग सत्ता की ओर आकर्षित हो रहे हैं, मैं बस उस प्रवृत्ति का अनुसरण कर रहा हूं: राजेनिंबालकर
लोग सत्ता की ओर आकर्षित हो रहे हैं, मैं बस उस प्रवृत्ति का अनुसरण कर रहा हूं: राजेनिंबालकर
धाराशिव, 22 जून (भाषा) बागी शिवसेना (उबाठा) सांसद ओमप्रकाश राजेनिंबालकर ने सत्ताधारी शिवसेना में शामिल होने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि अगर लोग सत्ता की ओर आकर्षित हो रहे हैं, तो वह भी बस उसी प्रवृत्ति का अनुसरण कर रहे हैं।
रविवार को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने की घोषणा के बाद धाराशिव में एक मराठी समाचार चैनल से बात करते हुए, राजेनिंबालकर ने दावा किया कि विपक्षी सांसदों को विकास के लिए कोष नहीं दिया जाता है, जिसके कारण स्थानीय निकाय चुनावों में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बार-बार हार का सामना करना पड़ा।
उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए उनकी पार्टी के सांसदों राजेनिंबालकर और नागेश पाटिल-आष्टिकर ने रविवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की पुष्टि की।
संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, पाटिल-आष्टिकर और राजेनिंबालकर सहित छह सांसद 17 जून को दिल्ली में हुई शिवसेना (उबाठा) संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे यह अटकलें तेज हो गईं कि वे शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं।
शिवसेना (उबाठा) के पास नौ लोकसभा सदस्य हैं, और बागी गुट को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए कम से कम छह सांसदों (कुल संख्या का दो-तिहाई)की जरूरत है।
सत्ताधारी खेमे में शामिल होने के अपने फैसले का बचाव करते हुए, राजेनिंबालकर ने कहा कि उनके पार्टी कार्यकर्ता वफादार रहे और लोगों के लिए अथक प्रयास किए, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में बार-बार जीत हासिल करने में विफल रहे क्योंकि वे सत्ताधारी पार्टियों का हिस्सा नहीं थे।
धाराशिव के सांसद ने कहा कि पार्टी और चुनावों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बावजूद विपक्ष में रहने के कारण उनके समर्थकों को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर भावनात्मक रूप से देखा जाए, तो मेरा फैसला गलत लग सकता है। लेकिन व्यावहारिक दृष्टिकोण से, आगे बढ़ना ही पड़ता है। जब मतदाताओं की मांगें पूरी नहीं होती हैं तो हम उन्हें जवाब नहीं दे पाते हैं। मेरी बस यही इच्छा है कि सरकारी धन आम लोगों तक पहुंचे।’’
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विपक्ष के विधायकों को जान-बूझकर विकास के लिए धन नहीं दिया गया, जिससे उनके लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया।
राजेनिंबालकर ने दावा किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होने से इलाके में बड़ी विकास परियोजनाएं लाने में मदद मिलेगी।
भाषा वैभव माधव
माधव

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