जम्मू-कश्मीर के लोगों को ‘भीख’ नहीं मांगनी चाहिए: कर्ण सिंह

जम्मू-कश्मीर के लोगों को ‘भीख’ नहीं मांगनी चाहिए: कर्ण सिंह

जम्मू-कश्मीर के लोगों को ‘भीख’ नहीं मांगनी चाहिए: कर्ण सिंह
Modified Date: June 27, 2026 / 06:09 pm IST
Published Date: June 27, 2026 6:09 pm IST

श्रीनगर, 27 जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व ‘सद्र-ए-रियासत’ कर्ण सिंह ने शनिवार को इस केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने की वकालत करते हुए कहा कि इसके लिए लोगों को केंद्र के सामने ‘भीख नहीं मांगनी चाहिए’।

सिंह ने यहां कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ऐसा (राज्य का दर्जा बहाल करना) होना चाहिए। भारत सरकार ने वादा किया है कि वह राज्य का दर्जा बहाल करेगी। देखिए, हम सबसे बड़ा राज्य थे, इसलिए हमें राज्य के लिए भीख नहीं मांगनी चाहिए। उन्हें यह देना ही होगा। अब, वे इसे कब देना चाहते हैं, यह उनपर निर्भर करता है; हम उनपर दबाव नहीं डाल सकते।’’

वह यहां एसकेआईसीसी में ‘राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद्’ (एनसीपीयूएल) और ‘इंटरफेथ हार्मनी फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ (आईएफएचएचआई) की ओर से आयोजित ‘इंटरफेथ डायलॉग’ के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लोगों से सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें जम्मू और कश्मीर (दोनों क्षेत्रों) के बीच के संबंधों को भी बनाए रखना चाहिए, जो कभी-कभी थोड़े कमजोर हो जाते हैं, ताकि हमारा यह राज्य तरक्की करे, पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करे और पूरे देश को एक राह दिखाए।’

सिंह ने कहा कि सभी धर्मों का मिल-जुलकर रहना बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘यह बहुत जरूरी है, वरना मतभेद बढ़ जाते हैं। आपने देखा है कि भारत तीन हिस्सों में बंट गया था। इसलिए, हमें सभी को साथ लेकर चलना है और अलग-अलग धर्मों के बीच बातचीत का मकसद भी यही है कि अलग-अलग धर्मों के लोग साथ बैठें और एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें,’।

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश


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