विमान दुर्घटना: पायलट शांभवी पाठक का किया गया अंतिम संस्कार

विमान दुर्घटना: पायलट शांभवी पाठक का किया गया अंतिम संस्कार

विमान दुर्घटना: पायलट शांभवी पाठक का किया गया अंतिम संस्कार
Modified Date: January 29, 2026 / 08:09 pm IST
Published Date: January 29, 2026 8:09 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव में उस समय सन्नाटा छा गया जब युवा पायलट शांभवी पाठक के पार्थिव शरीर को उनके आवास पर लाया गया।

शोक संतप्त रिश्तेदारों के पाठक के घर पहुंचने लगे तो आसपास रहने वाले लोग दबी आवाज में बातें करते रहे। कई लोगों ने रुककर मीडियाकर्मियों से पाठक परिवार के नए निवास का पता पूछा, क्योंकि परिवार हाल में इलाके के एक नए ब्लॉक में स्थानांतरित हुआ है।

महाराष्ट्र के बारामती के पास वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट 45 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मारे गए पांच लोगों में लगभग 25 वर्षीय पाठक भी शामिल थीं। विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी सवार थे। विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

पाठक के पड़ोसी चुपचाप गली में इकट्ठा हो गए। कुछ ने हाथ जोड़ रखे थे, तो कुछ की आंखों में आंसू थे। कुछ देर बाद परिवार लोधी रोड श्मशान घाट के लिए रवाना हुआ, जहां करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों की मौजूदगी में पाठक का अंतिम संस्कार किया गया।

एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, ‘इस इलाके में पहले कभी ऐसी खामोशी नहीं देखी गई।’ उन्होंने कहा कि लोग बस खड़े थे, कुछ बोल नहीं रहे थे, मानो उनके पास शब्द ही ना हों।

परिजनों के मुताबिक, वायुसेना बाल भारती स्कूल में शिक्षिका पाठक की मां बहुत गमगीन हैं। उनके पिता वायुसेना के सेवानिवृत्त पायलट हैं और दुर्घटना की खबर मिलते ही वह पुणे गए थे और अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली लौट आए। पड़ोसियों ने बताया कि दंपति अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा था।

परिवार के एक सदस्य ने पाठक के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। इस रिश्तेदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘शाभंवी को व्यक्तिगत रूप से जानने वाले हम सभी के लिए यह एक बहुत बड़ी क्षति है। वह बहुत ही जीवंत व्यक्तित्व वाली और बेहद समर्पित पायलट थीं।’

परिवार के एक करीबी मित्र ने भी यह बात दोहराते हुए कहा कि पाठक को हमेशा उनकी असीम ऊर्जा के लिए याद किया जाएगा।

पाठक के घर पर पूरा दिन लोगों का आना जाना लगा। इनमें पूर्व सहपाठी, सहकर्मी, वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

भाषा नोमान प्रशांत

प्रशांत


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