प्रधान को शिक्षा मंत्री बने रहे का नैतिक अधिकार नहीं, इस्तीफा दें: अशोक गहलोत
प्रधान को शिक्षा मंत्री बने रहे का नैतिक अधिकार नहीं, इस्तीफा दें: अशोक गहलोत
जयपुर, 16 मई (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक (यूजी) का प्रश्न पत्र लीक होने एवं परीक्षा निरस्त किए जाने को लेकर शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि प्रधान को शिक्षा मंत्री बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है, वह अपने पद से इस्तीफा दें या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें बर्खास्त कर दें।
गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने 2024 में संसद में प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई थी एवं इसे रोकने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने के लिए कहा, परन्तु मोदी सरकार पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने एक बयान में कहा,‘‘ 2024, 2025 एवं 2026… तीन बार लगातार जिस प्रकार पर प्रश्नपत्र लीक हुए हैं उससे लोगों में इतना आक्रोश है जिसकी कल्पना न तो राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार कर पा रही है, न (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी कर पा रहे हैं और न ही (गृह मंत्री) अमित शाह कर पा रहे हैं।’’
गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऐसे नाकाबिल लोगों को सब जगह बैठाया है जिनमें प्रशासनिक क्षमता नहीं है फलस्वरूप लगातार तीन बार पेपर लीक हुए हैं।
उन्होंने कहा,‘‘आज उस कारण से आत्महत्या की खबरें आने लगी हैं। पर इनमें कोई संवेदनशीलता नहीं है।’’
गहलोत ने कहा,‘‘ प्रधानमंत्री मोदी प्रधान को बर्खास्त करें या वह (प्रधान) खुद इस्तीफा दें तब जाकर अभ्यर्थियों को इस बात का अहसास होगा कि सरकार हमारी भावनाओं को समझ रही है। वरना यह माना जाएगा कि सरकार को परवाह ही नहीं है, चाहे कुछ भी हो जाए।’’
उन्होंने कहा कि प्रधान को शिक्षा मंत्री के रूप में काम करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
देश में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए उम्मीदवारों को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-स्नातक) देनी होती है। यह परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। इसके विरोध में देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए।
हालांकि, सरकार ने 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है।
भाषा पृथ्वी राजकुमार
राजकुमार

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