प्रसार भारती के ‘वेव्स ओटीटी’ मंच के उपयोगकर्ताओं की संख्या एक करोड़ के पार

प्रसार भारती के ‘वेव्स ओटीटी’ मंच के उपयोगकर्ताओं की संख्या एक करोड़ के पार

प्रसार भारती के ‘वेव्स ओटीटी’ मंच के उपयोगकर्ताओं की संख्या एक करोड़ के पार
Modified Date: June 2, 2026 / 09:46 pm IST
Published Date: June 2, 2026 9:46 pm IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) प्रसार भारती के डिजिटल स्ट्रीमिंग मंच ‘वेव्स ओटीटी’ के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं की संख्या एक करोड़ के पार चली गई है, जो भारत में सरकारी डिजिटल मीडिया पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकारी प्रसारक ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।

बयान में कहा गया है कि ‘वेव्स ओटीटी’ देश के सबसे बड़े सार्वजनिक स्ट्रीमिंग मंचों में से एक के रूप में उभरा है, जो 24,000 से अधिक कंटेंट टाइटल, 15,000 घंटे से अधिक की प्रोग्रामिंग और 140 लाइव टेलीविजन चैनल तक मुफ्त पहुंच प्रदान करता है।

इसमें कहा गया है कि नवंबर 2024 में शुरू की गई ‘वेव्स ओटीटी’ सेवा अब मोबाइल, इंटरनेट और टीवी से जुड़े उपकरणों के माध्यम से 130 से अधिक देशों के दर्शकों को उपलब्ध है और इस पर कई भारतीय भाषाओं में सामग्री मौजूद है।

बयान के मुताबिक, ‘वेव्स ओटीटी’ पर मनोरंजन, समाचार, शिक्षा, संस्कृति, आध्यात्मिकता और सार्वजनिक सेवा सहित विभिन्न श्रेणियों की सामग्री उपलब्ध है।

इसमें कहा गया है कि यह मंच 200 से अधिक रेडियो सेवाएं, लाइव समारोह स्ट्रीमिंग, पीएम ईविद्या चैनलों के माध्यम से शैक्षिक कार्यक्रम, ‘योजना’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘रोजगार समाचार’ जैसे प्रकाशनों के डिजिटल संस्करण, प्रमुख मंदिरों से भक्तिपूर्ण कार्यक्रम और प्रसार भारती से पुरालेखीय सामग्री भी प्रदान करता है।

बयान में कहा गया है, “यह उपलब्धि डिजिटल युग में सार्वजनिक डिजिटल मीडिया की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाती है और टेलीविजन, रेडियो, ऑन-डिमांड सामग्री और शिक्षा, संस्कृति एवं विरासत संबंधी सामग्री के लिए एक ही मंच बनाने की परिकल्पना को मान्यता देती है।”

इसमें कहा गया है, “वेव्स ओटीटी को अब तक 1.4 करोड़ से अधिक उपकरणों पर डाउनलोड किया जा चुका है। यह मंच मार्च 2027 तक दो करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता हासिल करने के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।”

बयान में कहा गया है कि विकास के अगले चरण के तहत ‘वेव्स ओटीटी’ सामग्री साझेदारों का विस्तार करने, उपकरण एवं प्लेटफॉर्म वितरण बढ़ाने और क्षेत्रीय तथा शैक्षिक सामग्री पेशकशों को मजबूत करने की योजना बना रहा है।

भाषा पारुल माधव

माधव


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