पूर्ववर्ती सरकारों ने हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा नहीं की: प्रमोद सावंत

पूर्ववर्ती सरकारों ने हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा नहीं की: प्रमोद सावंत

पूर्ववर्ती सरकारों ने हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा नहीं की: प्रमोद सावंत
Modified Date: May 11, 2026 / 10:03 pm IST
Published Date: May 11, 2026 10:03 pm IST

पणजी, 11 मई (भाषा) गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देशभर में धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

गुजरात स्थित प्रतिष्ठित सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ पर्व’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सावंत ने आक्रमणकारियों द्वारा मंदिर पर किए गए अनेक हमलों का उल्लेख किया।

उन्होंने गोवा के पुर्तगाली शासकों पर भी इसी तरह के हमलों में शामिल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उत्तर गोवा में एक ऐसे मंदिर के निर्माण की योजना बना रही है, जो “पुर्तगालियों द्वारा ध्वस्त किए गए सभी मंदिरों का प्रतीक” होगा।

सोमनाथ मंदिर पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए सावंत ने कहा कि इसे कई बार नष्ट किया गया, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ।

उन्होंने कहा, “हमारे देश पर हमला करने वालों ने मंदिरों को नष्ट करने की कोशिश की। पुर्तगाली शासन के दौरान गोवा में भी ऐसा ही इतिहास देखने को मिला। ईसाई धर्म में धर्मांतरण शुरू होने से पहले ही पुर्तगाली हर गांव में मंदिरों पर हमले कर रहे थे। वे नहीं चाहते थे कि लोग एकजुट हों, भजन-कीर्तन करें और अपने धर्म का पालन करें।”

सावंत ने कहा कि ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार पुर्तगालियों ने गोवा में करीब 1,000 मंदिरों को ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद लोग दूसरे राज्यों में जाकर बस गए।

उन्होंने कहा, “गोवा के लोग केरल तक जाकर बस गए और वहां मंदिर स्थापित किए। अब राज्य सरकार उन सभी मंदिरों की स्मृति में एक प्रतीकात्मक मंदिर बनाने की प्रक्रिया में है, जिन्हें पुर्तगालियों ने ध्वस्त किया था। यह मंदिर उत्तर गोवा के दिवार द्वीप पर बनाया जाएगा।”

देशभर में मनाए जा रहे ‘सोमनाथ पर्व’ के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए सावंत ने कहा, “ऐसी पहल तभी संभव होती है, जब सरकार आपकी संस्कृति की रक्षा करे। पिछले 50 वर्षों में ऐसा क्यों नहीं हो पाया? क्योंकि उन सरकारों ने कभी हिंदू धर्म और हमारी संस्कृति की रक्षा नहीं की।”

भाषा खारी अविनाश

अविनाश


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