प्रधानमंत्री का महिला आरक्षण विधेयक पर देश को गुमराह करने का विकल्प चुनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण:ममता

प्रधानमंत्री का महिला आरक्षण विधेयक पर देश को गुमराह करने का विकल्प चुनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण:ममता

प्रधानमंत्री का महिला आरक्षण विधेयक पर देश को गुमराह करने का विकल्प चुनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण:ममता
Modified Date: April 19, 2026 / 01:53 pm IST
Published Date: April 19, 2026 1:53 pm IST

कोलकाता, 19 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को दावा किया कि यह ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर ‘‘देश को गुमराह’’ करने का विकल्प चुना।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ‘‘महिलाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल करके’’ परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की साजिश रच रही है।

बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने ईमानदारी से इस मुद्दे को सुलझाने के बजाय देश को गुमराह करने का विकल्प चुना।’’

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को वर्ष 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया, जिसके एक दिन बाद शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी कि भारत की महिलाएं उन्हें ‘‘भ्रूण हत्या के पाप’’ के लिए कड़ी सजा देंगी।

बनर्जी ने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के लिए उच्च राजनीतिक प्रतिनिधित्व का समर्थन किया है। संसद और राज्य विधानसभा दोनों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों का अनुपात हमारे यहां सबसे अधिक है।’’

उन्होंने कहा कि लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के निर्वाचित सदस्यों में से 37.9 प्रतिशत महिलाएं हैं।

बनर्जी ने बताया कि पार्टी ने राज्यसभा में 46 प्रतिशत महिला सदस्यों को मनोनीत किया है।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने का सवाल ही नहीं उठता।

बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘‘हम मूल रूप से उस परिसीमन प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं जिसे मोदी सरकार अपने निहित स्वार्थों को पूरा करने के लिए महिलाओं को ढाल बनाकर लागू करने की साजिश रच रही है।’’

भाषा सुरभि संतोष

संतोष


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