पर्यावरण संबंधी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अलग निकाय के गठन का प्रस्ताव
पर्यावरण संबंधी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अलग निकाय के गठन का प्रस्ताव
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने देश के विभिन्न राज्यों में पर्यावरण संरक्षण संबंधी मंजूरी जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एक अलग निकाय के गठन का प्रस्ताव रखा है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरण प्रभाव आकलन पर स्थायी प्राधिकरण (एसएईआईए) नामक एक प्राधिकरण के गठन के लिए एक मसौदा अधिसूचना जारी की है। इसके अलावा मंत्रालय ने प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन पर एक स्थायी समिति (एससीईआईए) के गठन का भी प्रस्ताव रखा है।
पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पिछले सप्ताह जारी मसौदा अधिसूचना के मुताबिक, ‘‘ ये दोनों नए निकाय राज्य स्तर पर श्रेणी बी के अंतर्गत आने वाली विकास परियोजनाओं का मूल्यांकन करेंगे और समय पर पर्यावरण संबंधी मंजूरी प्रदान करेंगे। श्रेणी बी की परियोजनाओं में निर्माण, भवन निर्माण, खनन और उद्योग शामिल हैं।’’
मसौदा अधिसूचना के अनुसार नए निकाय वर्तमान निकायों के निष्क्रिय हो जाने की स्थिति में कार्य करेंगे, जिनकी अधिकतम परिचालन अवधि छह महीने होगी और जिसे अतिरिक्त छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है। यदि राज्य स्तरीय समिति द्वारा 120 दिनों की अवधि के भीतर आवेदन का मूल्यांकन नहीं किया जाता है, तो आवेदन को विचार के लिए एससीईआईए को भेज दिया जाएगा।
इससे पहले, 2006 की पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना के तहत, केंद्र ने श्रेणी बी विकास परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के लिए दो महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय निकायों की स्थापना की थी: राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) और राज्य स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (एसईएसी)। इन निकायों में पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल थे।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल नरेश
नरेश

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