नैदानिक ​​प्रतिष्ठान अधिनियम में जन विश्वास संशोधन अधिसूचित किया गया

नैदानिक ​​प्रतिष्ठान अधिनियम में जन विश्वास संशोधन अधिसूचित किया गया

नैदानिक ​​प्रतिष्ठान अधिनियम में जन विश्वास संशोधन अधिसूचित किया गया
Modified Date: June 25, 2026 / 05:57 pm IST
Published Date: June 25, 2026 5:57 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘जन विश्वास’ संशोधन के तहत नैदानिक ​​प्रतिष्ठान (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 में बदलावों को अधिसूचित किया है। इन बदलावों के तहत, कुछ प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए आपराधिक दंड की जगह अब प्रशासनिक निर्णय लेने की व्यवस्था लागू की जाएगी।

मंत्रालय के मुताबिक, 22 जून को अधिसूचित संशोधनों से ‘जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम, 2026’ के प्रावधान लागू हो गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य कई केंद्रीय कानूनों के तहत छोटी-मोटी प्रक्रियात्मक कमियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और भरोसे पर आधारित शासन को बढ़ावा देना है।

इस साल अप्रैल में प्रकाशित ‘जन विश्वास कानून’ का मकसद नियमों के अनुपालन का बोझ कम करना और कारोबार को आसान बनाना है। यह कानून 23 मंत्रालयों और विभागों के तहत आने वाले 79 केंद्रीय कानूनों के प्रावधानों में बदलाव करता है।

मंत्रालय के बयान के मुताबिक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन पांच अधिनियमों के 35 प्रावधानों में संशोधन किया गया है ताकि प्रक्रियात्मक अनियमितताओं को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा सके और नागरिक-केंद्रित नियामक प्रथाओं को मजबूत किया जा सके।

संशोधित ढांचे के तहत, अधिनियम की धारा 40, 43 और 46 में ‘जुर्माना’ शब्द को ‘दंड’ से प्रतिस्थापित किया गया है, जिससे प्रवर्तन ढांचा आपराधिक अभियोजन से प्रशासनिक निर्णय की ओर स्थानांतरित हो गया है।

भाषा

शफीक अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में