पंजाब विस में बेअदबी से जुड़े सख्त कानून के लिए विधेयक पेश, उम्रकैद और भारी जुर्माने का प्रस्ताव

पंजाब विस में बेअदबी से जुड़े सख्त कानून के लिए विधेयक पेश, उम्रकैद और भारी जुर्माने का प्रस्ताव

पंजाब विस में बेअदबी से जुड़े सख्त कानून के लिए विधेयक पेश, उम्रकैद और भारी जुर्माने का प्रस्ताव
Modified Date: April 13, 2026 / 04:49 pm IST
Published Date: April 13, 2026 4:49 pm IST

चंडीगढ़, 13 अप्रैल (भाषा) गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास सहित कठोर दंड का प्रस्ताव करने वाला एक विधेयक सोमवार को पंजाब विधानसभा में पेश किया गया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया।

मान ने रविवार को कहा था कि यह विधेयक बेअदबी के कृत्यों के विरुद्ध एक मजबूत प्रतिरोधक के रूप में कार्य करेगा।

पंजाब मंत्रिमंडल ने शनिवार को बेअदबी कानून में कठोर संशोधनों को मंजूरी दी थी, जिससे सजाएं और भी सख्त हो जाएंगी।

जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 में बेअदबी की घटनाओं को रोकने और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए न्यूनतम 10 वर्ष के कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक के कठोर दंड का प्रस्ताव है। इसमें पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रस्ताव है।

विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि यह मांग रही है कि गुरु ग्रंथ साहिब के विरुद्ध किसी भी प्रकार की बेअदबी के लिए कड़ी सजा होनी चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधेयक का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने मांग की कि पंजाब पवित्र ग्रंथों के विरुद्ध अपराध निवारण विधेयक, 2025 पर गठित प्रवर समिति की रिपोर्ट सदन में पेश की जाए।

बाजवा ने सरकार से पूछा कि क्या उसने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सरकार (संशोधन) विधेयक, 2026 को लाने से पहले संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श लिया था।

इससे पहले सरकार ने कहा था कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के मौजूदा प्रावधान बेअदबी के कृत्यों के लिए पर्याप्त रूप से कठोर दंड प्रदान नहीं करते हैं।

सरकार ने कहा था कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 298, 299 और 300 में ऐसे मामलों का उल्लेख तो है, लेकिन इनमें ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए पर्याप्त रूप से कठोर दंड का प्रावधान नहीं है।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप


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