पंजाब विधानसभा ने बेअदबी के खिलाफ कठोर दंड के प्रस्ताव वाला विधेयक आम सहमति से पारित किया

पंजाब विधानसभा ने बेअदबी के खिलाफ कठोर दंड के प्रस्ताव वाला विधेयक आम सहमति से पारित किया

पंजाब विधानसभा ने बेअदबी के खिलाफ कठोर दंड के प्रस्ताव वाला विधेयक आम सहमति से पारित किया
Modified Date: April 13, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: April 13, 2026 6:58 pm IST

चंडीगढ़, 13 अप्रैल (भाषा) गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास सहित कठोर दंड के प्रस्ताव वाला एक विधेयक सोमवार को पंजाब विधानसभा में आम राय से पारित हो गया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।

जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 में बेअदबी की घटनाओं को रोकने और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए न्यूनतम 10 वर्ष के कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक के कठोर दंड का प्रस्ताव है। इसमें पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रस्ताव है।

विधेयक पारित होने के बाद मान ने विधेयक का समर्थन करने के लिए सदन के सदस्यों को धन्यवाद दिया और कहा कि यह विधेयक बेअदबी के कृत्यों के विरुद्ध एक मजबूत निवारक के रूप में कार्य करेगा।

मान ने यह भी कहा कि विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है, इसके लिए केवल राज्यपाल की स्वीकृति आवश्यक है।

सदन में विधेयक पेश किए जाने के बाद हुई चर्चा में भाग लेते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए कड़ी सजा की मांग की जाती रही है।

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विधेयक का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने मांग की कि ‘‘पंजाब पवित्र ग्रंथों के विरुद्ध अपराध निवारण विधेयक, 2025’’ पर प्रवर समिति की एक रिपोर्ट सदन में पेश की जाए।

बाजवा ने सरकार से पूछा कि क्या उसने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 लाने से पहले संवैधानिक विशेषज्ञों से परामर्श किया था।

उन्होंने राज्य सरकार से यह जानना चाहा कि 2015 में हुई बेअदबी की घटनाओं और फरीदकोट में बेअदबी विरोधी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति क्या है।

इससे पहले सरकार ने कहा था कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के मौजूदा प्रावधान बेअदबी के कृत्यों के लिए पर्याप्त रूप से कठोर दंड के प्रावधान नहीं करते हैं।

सरकार ने कहा था कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 298, 299 और 300 में ऐसे मामलों का उल्लेख तो है, लेकिन इनमें ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए पर्याप्त रूप से कठोर दंड का प्रावधान नहीं है।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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