जज लोया की मौत संदिग्ध-राहुल, राष्ट्रपति से मिले 15 दलों के 114 सांसद
जज लोया की मौत संदिग्ध-राहुल, राष्ट्रपति से मिले 15 दलों के 114 सांसद
नई दिल्ली। कांग्रेस समेत 15 विपक्षी दलों के 114 सांसदों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से जज बी एच लोया की मौत की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन्हें इन सांसदों के हस्ताक्षर वाला मांग पत्र सौंपा। राहुल गांधी ने कहा कि ये काफी गंभीर मामला है और इसकी जांच एक स्वतंत्र एसआईटी ही कर सकती है, जिसपर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी हो। उन्होंने कहा कि जस्टिस लोया की मौत संदिग्ध है, उनके अलावा भी दो और संदिग्ध मौत हुई हैं। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने इस पूरे मामले में सकारात्मक रुख दिखाया है।
114 MPs from 15 parties signed memorandum. His (Judge BH Loya) death is suspicious, there have been 2 other suspicious deaths. President gave positive response: Rahul Gandhi after opposition delegation met President over #JudgeLoya death case pic.twitter.com/ljy3rHJVS2
— ANI (@ANI) February 9, 2018
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मुलाकात और उन्हें मांगपत्र सौंपे जाने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि एक जज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। दिवंगत जज और उनके परिवार के प्रति ये दायित्व होगा कि इस पूरे मामले की सही जांच हो।
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दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को जस्टिस लोया की मौत से संबंधित याचिका पर सुनवाई हुई। इस मामले में बहस पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 12 फरवरी तय की है।
Judge B H Loya death case: The arguments were inconclusive today and hearing would continue on February 12 in Supreme Court
— ANI (@ANI) February 9, 2018
जस्टिस लोया बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे। 1 दिसंबर 2014 को नागपुर गए थे, जिसके बाद संदिग्ध हालात में उनकी मौत की ख़बर आई थी। पिछले साल नवंबर में जब जस्टिस लोया की बहन ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया तो इस मामले ने तूल पकड़ लिया। बाद में जस्टिस लोया के बेटे ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके अपने पिता की मौत को संदिग्ध मानने से इनकार कर दिया, लेकिन इस मामले को लेकर चर्चा जारी रही। सुप्रीम कोर्ट में ये मामला चल रहा है, दूसरी ओर विपक्ष ने अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मांग पत्र सौंपकर इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग कर इस मामले को नया मोड़ दे दिया है।
वेब डेस्क, IBC24

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