ड्यूटी से 6 महीने दूर रहे लोको पायलटों के बिना प्रशिक्षण ट्रेन चलाने पर रेलवे फेडरेशन ने जताई चिंता
ड्यूटी से 6 महीने दूर रहे लोको पायलटों के बिना प्रशिक्षण ट्रेन चलाने पर रेलवे फेडरेशन ने जताई चिंता
नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) ‘ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन’ (एआईआरएफ) ने उत्तर रेलवे द्वारा संचालनात्मक नियमों में किए गए हालिया बदलाव पर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस बदलाव के तहत, ऐसे लोको पायलटों को बिना उचित पुन:प्रशिक्षण के ट्रेन चलाने की अनुमति दी गई है, जिन्होंने पिछले छह महीनों से यह काम नहीं किया है।
इस संशोधन के तहत, उत्तर रेलवे ने मुख्य लोको निरीक्षकों (सीएलआई) को ऐसे लोको पायलटों को योग्यता प्रमाण-पत्र जारी करने का अधिकार दिया है, जिससे वे पुन:प्रशिक्षण कोर्स किए बिना ट्रेनों को चला सकेंगे।
एआईआरएफ के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को लिखे एक पत्र में कहा, “इस संशोधन में चूंकि उन लोको रनिंग स्टाफ के लिए किसी व्यापक पुन:प्रशिक्षण कोर्स का प्रावधान नहीं है, जिन्होंने छह महीने की अवधि तक किसी ट्रेन या इंजन पर काम नहीं किया है, इसलिए इससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा के लिए संभावित जोखिम पैदा हो सकता है।”
मिश्रा ने उत्तर रेलवे के सामान्य और सहायक नियमों में किए गए संशोधन को तुरंत वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उत्तर रेलवे ने 18 फरवरी को अपने कामकाज के नियमों में बदलाव किया। पूर्व में ऐसे लोको पायलटों को पुन:प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता था।
उन्होंने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तुरंत दखल दें और संचालनात्मक सुरक्षा के हित में संशोधन को वापस लेने और पहले के प्रावधानों को बहाल करने का काम करें।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप

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