पीर पंजाल पर टिप्पणी को लेकर राजौरी-पुंछ के विधायकों ने विधानसभा के बाहर दिया धरना

पीर पंजाल पर टिप्पणी को लेकर राजौरी-पुंछ के विधायकों ने विधानसभा के बाहर दिया धरना

पीर पंजाल पर टिप्पणी को लेकर राजौरी-पुंछ के विधायकों ने विधानसभा के बाहर दिया धरना
Modified Date: February 4, 2026 / 02:35 pm IST
Published Date: February 4, 2026 2:35 pm IST

(फोटो के साथ)

जम्मू, चार फरवरी (भाषा) राजौरी और पुंछ के कई विधायकों ने बुधवार को विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया और कहा कि पीर पंजाल क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में नहीं होने का दावा करके लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस से सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसी के बाद विधायकों ने धरना दिया।

यह मुद्दा कांग्रेस विधायक इफ्तिखार अहमद ने सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कथित तौर पर कहा है कि जम्मू-कश्मीर में पीर पंजाल नाम का कोई क्षेत्र नहीं है।

इसके बाद राजौरी-पुंछ के विधायकों नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के एजाज जान, कांग्रेस के इफ्तिखार अहमद, जावेद इकबाल, मुजफ्फर इकबाल खान और चौधरी अकरम ने विधानसभा के बाहर धरना दिया और पीर पंजाल के समर्थन में नारे लगाए।

विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायक इफ्तिखार अहमद ने संवाददाताओं से कहा, “जब तक विपक्ष के नेता सुनील शर्मा माफी नहीं मांगते, हम सदन की कार्यवाही चलने नहीं देंगे। उन्होंने पीर पंजाल के लोगों का अपमान किया है। पीर पंजाल का नाम लंबे समय से जाना-पहचाना है और उसका सम्मान होना चाहिए।”

नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक एजाज जान ने भी मांग की कि शर्मा सदन के पटल पर माफी मांगें।

उन्होंने कहा, “उन्होंने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। जब तक वह माफी नहीं मांगते, हमारा विरोध जारी रहेगा। हम देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले लोगों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

वहीं, सुनील शर्मा से जब यह पूछा गया कि क्या वह अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगेगे, इस पर उन्होंने किसी भी माफी से इनकार किया और दोहराया कि जम्मू-कश्मीर एक इकाई है और पीर पंजाल नाम का कोई अलग क्षेत्र अस्तित्व में नहीं है।

शर्मा ने पत्रकारों से कहा, “आप इस तरह के नाम नहीं गढ़ सकते। जम्मू-कश्मीर एक इकाई है।”

उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को राजौरी, पुंछ और डोडा क्षेत्र के नाम देखने के लिए प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए।

भाषा खारी सुरभि

सुरभि


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