Balaghat Muslim Boycott: ‘छिना रोजगार.. लेन-देन भी हुआ बंद’.. यहां के 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, इस बड़े सम्मेलन के बाद गांव में कराई गई मुनादी

'छिना रोजगार.. लेन-देन भी हुआ बंद'.. यहां के 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, Balaghat Muslim Boycott Latest News

Balaghat Muslim Boycott: ‘छिना रोजगार.. लेन-देन भी हुआ बंद’.. यहां के 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, इस बड़े सम्मेलन के बाद गांव में कराई गई मुनादी

Reported By: Hiten Chauhan,
Modified Date: February 4, 2026 / 04:16 pm IST
Published Date: February 4, 2026 4:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • हिंदू सम्मेलन के बाद 10 मुस्लिम परिवारों के कथित सामाजिक बहिष्कार का आरोप
  • रोज़गार और जरूरी सेवाएं रोके जाने का दावा, गांव में तनाव का माहौल
  • पूर्व विधायक ने गृह मंत्रालय से जांच और पुलिस फ्लैग मार्च की मांग की

बालाघाटः Balaghat Muslim Boycott: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां हुए एक हिंदू सम्मेलन के बाद कथित रूप से 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया है। मुस्लिम समाज के लोगों का आरोप है कि उन्हें रोजमर्रा के काम और सेवाओं से वंचित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानीय लोग इन आरोपों को गलत बता रहे हैं। पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक जनवरी महीने में घोटी-नंदोरा गांव में आयोजित हिंदू सम्मेलन के समापन के बाद मुस्लिम विरोधी बयान का वीडियो सामने आया था। इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। आरोप है कि इसके बाद गांव के करीब 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया। बस चालक आसिफ हुसैन को स्कूल बस चलाने से रोक दिया गया, जबकि इलेक्ट्रिशियन सादिक हुसैन को पिछले सात दिनों से काम नहीं मिलने की बात सामने आई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें किराने का सामान देने से मना किया जा रहा है और गांव में डर का माहौल बना हुआ है।

पूर्व विधायक ने मामले को लेकर जताई चिंता

Balaghat Muslim Boycott: इस पूरे मामले में पूर्व विधायक किशोर समरिते ने गंभीर चिंता जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से जांच और गांव में पुलिस फ्लैग मार्च की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहिष्कार की घोषणा मुनादी के जरिए कराई गई और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इसका समर्थन करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, बहिष्कार का आरोप झेल रहे नेतराम तिड़के ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गांव में किसी भी मुस्लिम परिवार का बहिष्कार नहीं किया गया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और गांव में अशांति का माहौल बताया जा रहा है।

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