रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना ‘असुर’ से कर संवैधानिक पद का अपमान किया है : भाजपा

रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना ‘असुर’ से कर संवैधानिक पद का अपमान किया है : भाजपा

रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना ‘असुर’ से कर संवैधानिक पद का अपमान किया है : भाजपा
Modified Date: April 19, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: April 19, 2026 5:34 pm IST

नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना रामायण में उल्लेखित असुर मारीच से करने को लेकर रविवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने संवैधानिक पद का ‘‘अपमान’’ किया है और नफरत कांग्रेस की पहचान बन गई है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि कांग्रेस के एक सूत्र ने उन्हें बताया है कि विपक्षी दल के सभी नेताओं को आला कमान द्वारा मोदी को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया है।

रेड्डी ने शनिवार को यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार 2029 के लोकसभा चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से महिलाओं को आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए दबाव डाल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मारीच माता सीता को भ्रमित करने आया था। मोदी जी और पूरा भाजपा-राजग गठबंधन भी संविधान छीनने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम ऐसी किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे।’’

पूनावाला ने रेड्डी पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘‘नफरत के भाईजान’’ करार दिया। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने मोदी को अपशब्द कहकर प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद का अपमान किया है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री की तुलना असुर से की है… कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर 150 से अधिक अपशब्दों की बौछार की है। वे उन्हें फिर से अपशब्द कह रहे हैं क्योंकि उन्होंने ‘नारी शक्ति’ का समर्थन किया। यह कोई संयोग नहीं बल्कि सोच-समझकर प्रयोग किया गया है।’’

पूनावाला ने कहा, ‘‘उन्होंने चुनाव आयोग और न्यायपालिका के साथ ऐसा किया है। यहां तक ​​कि भारत के राष्ट्रपति को भी नहीं बख्शा गया और उन्हें ‘राष्ट्रपत्नी’ कहा गया। उन्होंने सशस्त्र बलों, सनातन और संवैधानिक पदों का अपमान किया है।’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘यह ‘मोहब्बत की दुकान’ नहीं, यह ‘नफरत के भाईजान’ हैं। यही कांग्रेस की पहचान बन गई है।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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