रीजीजू ने चुनाव के दौरान नकद वितरण पर जताई चिंता, कहा अलोकतांत्रिक प्रथा पर लगनी चाहिए रोक
रीजीजू ने चुनाव के दौरान नकद वितरण पर जताई चिंता, कहा अलोकतांत्रिक प्रथा पर लगनी चाहिए रोक
कोलकाता, तीन जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने शुक्रवार को चुनाव के दौरान देश के कुछ हिस्सों में मतदाताओं को नकदी बांटे जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह की अलोकतांत्रिक प्रथा पर रोक लगनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू ने यह भी कहा कि विधायक या सांसद के रूप में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का जीवन बेहद कठिन होता है, क्योंकि उन्हें चौबीसों घंटे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और अपेक्षाओं का ध्यान रखना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भारत में एक विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख तक मतदाता और एक लोकसभा क्षेत्र में 30 लाख तक मतदाता होते हैं, जिसके कारण चुनाव प्रचार पर काफी खर्च आता है।
रीजीजू ने कहा, ‘‘अब एक नई प्रवृत्ति सामने आई है। देश के कुछ हिस्सों और कुछ राज्यों में उम्मीदवारों को मतदाताओं को पैसा देना पड़ता है। यह अच्छी बात नहीं है। इस तरह की अलोकतांत्रिक प्रथा पर रोक लगनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि कुछ यूरोपीय देशों में एक संसदीय क्षेत्र में केवल 30,000 से 40,000 मतदाता होते हैं, जबकि भारत में पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के एक विधानसभा क्षेत्र में तीन लाख तक मतदाता होते हैं।
रीजीजू ने कहा कि यूरोपीय देशों में सांसदों को मतदाताओं की समस्याओं और जरूरतों की देखभाल नहीं करनी पड़ती, वे केवल बहस और चर्चा पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन भारत में सुबह हमारे उठने से पहले ही 300 लोग अपनी समस्याएं लेकर हमसे मिलने घर पहुंच जाते हैं और हमें उनकी बातें सुननी पड़ती हैं।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विधायक और सांसद का जीवन कठिन होता है तथा उन्हें लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे मेहनत करनी पड़ती है।
उन्होंने नवनिर्वाचित विधायकों से कहा, ‘‘यदि आप अगला चुनाव जीतना चाहते हैं या विधायक अथवा सांसद बने रहना चाहते हैं, तो आपको कड़ी मेहनत करनी होगी और लोगों के कल्याण के लिए काम करना होगा।’’
इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी तथा उत्तर प्रदेश, ओडिशा और गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
भाषा अमित रंजन
रंजन

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