Ram Mandir Donation Theft Case: इस जगह मिलते थे सभी चोर, फिर होता था सामानों का बँटवारा!.. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, पढ़ें

Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation: राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी के दावों पर जांच तेज, बैंक खाते, संपत्तियां और कार भी जांच के घेरे में।

Ram Mandir Donation Theft Case: इस जगह मिलते थे सभी चोर, फिर होता था सामानों का बँटवारा!.. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, पढ़ें

Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation || Image- AI Generated file

Modified Date: July 3, 2026 / 08:54 pm IST
Published Date: July 3, 2026 8:53 pm IST
HIGHLIGHTS
  • आरोपी से दो घंटे तक हुई गहन पूछताछ।
  • कथित पैसे छिपाने और बांटने का दावा।
  • बैंक खातों और संपत्तियों की जांच तेज।

अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से अदालत की अनुमति के बाद करीब दो घंटे तक पूछताछ की। (Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation) पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि चढ़ावे के पैसे कैसे बाहर निकाले जाते थे। हालांकि पुलिस ने साफ कहा है कि आरोपी के इन दावों की अभी जांच की जा रही है।

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आरोपी ने किये हैरान कर देने वाले खुलासे

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि कथित तौर पर चढ़ावे के पैसे पहले मंदिर परिसर के शौचालय में छिपाए जाते थे और बाद में मौका देखकर बाहर ले जाए जाते थे। पुलिस अब इस पूरे दावे की सच्चाई की जांच कर रही है।

मारुति ब्रेज़ा कार बरामद

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रिमांड के दौरान अविनाश शुक्ला ने कई और अहम बातें भी बताईं। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि चोरी के बाद सभी आठ आरोपी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के पास इकट्ठा होते थे और वहीं नकदी व अन्य कीमती सामान का आपस में बंटवारा करते थे। (Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation) आरोपी के इस कथित खुलासे के बाद पुलिस ने अयोध्या के कौशलपुरी कॉलोनी से मारुति ब्रेज़ा (UP42 AP 6054) बरामद की है। पुलिस का दावा है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल कथित तौर पर पैसे ले जाने के लिए किया जाता था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने यह कार करीब एक साल पहले खरीदी थी।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने दान गिनने वाले कमरे की व्यवस्था, चाबियों के इस्तेमाल, सीसीटीवी कैमरों की जानकारी और कई लोगों की कथित भूमिका के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि इन सभी दावों का अलग-अलग सबूतों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है।

बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों की जांच

अब जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित तौर पर निकाले गए पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया। इसके लिए बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

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आरोपियों से 58 लाख रुपये बरामद

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया था। अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने से पहले आरोपियों के पास से 58 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि कुछ रकम बैंक खातों के जरिए भी वापस जमा कराई गई थी। (Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation) फिलहाल एसआईटी साक्ष्य जुटाने और सभी तथ्यों की जांच में जुटी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में रिपोर्ट पेश होने के बाद ही सामने आएगा।

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लेखक के बारे में

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