‘370 रुपये की बिरयानी’ टिप्पणी विवाद: एनसीडब्ल्यू ने प्रणीत, हिमांशु की माफी खारिज की

'370 रुपये की बिरयानी' टिप्पणी विवाद: एनसीडब्ल्यू ने प्रणीत, हिमांशु की माफी खारिज की

‘370 रुपये की बिरयानी’ टिप्पणी विवाद: एनसीडब्ल्यू ने प्रणीत, हिमांशु की माफी खारिज की
Modified Date: June 23, 2026 / 12:49 am IST
Published Date: June 23, 2026 12:49 am IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सोमवार को स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे, मधुर विरली और एक दर्शक हिमांशु जांगड़ा की माफी को खारिज कर दिया। आयोग ने तीनों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला लिया।

सूत्रों ने बताया कि सुनवाई के दौरान तीनों ने माफी मांगी, लेकिन आयोग ने उनकी माफी स्वीकार नहीं की और उन्हें अगली तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान, आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कॉमेडी के नाम पर इस तरह की अपमानजनक सामग्री को बढ़ावा देने और उसे सामान्य बनाने पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने स्पष्ट रूप से दोहराया कि आयोग रचनात्मक स्वतंत्रता का समर्थन करता है, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह कतई नहीं है कि महिलाओं की शारीरिक स्वायत्तता के उल्लंघन को सामान्य माना जाए या बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों को मनोरंजन की सामग्री में बदल दिया जाए।

महिला गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कथित टिप्पणियों के सिलसिले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने मोरे और जांगड़ा को अपने समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया था।

आयोग ने एक अलग मामले में स्टैंड-अप एक्ट के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए विरली को भी समन भेजा था।

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब जांगड़ा ने शो के दौरान एक ‘डेट’ (मुलाकात) पर जाने का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर 370 रुपये खर्च किए थे। जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो जांगड़ा ने कहा कि उन्होंने बिरयानी पर खर्च किए गए पैसों के बदले “अंतरंग होने” की मांग की। जांगड़ा की इस बात पर मोरे को “हंसते” हुए देखा गया।

बाद में, सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद मोरे और जांगड़ा, दोनों ने इस घटना के लिए माफी मांगी। जांगड़ा ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी निष्क्रिय कर दिया।

गुरुग्राम की एक कंपनी ने “370 रुपये की बिरयानी” वाली टिप्पणी के कारण जांगड़ा को नौकरी से निकाल दिया।

भाषा सुमित पारुल

पारुल


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