सैनी सरकार ने पंजाब चुनाव को ध्यान में रखते हुए एसवाईएल के लिए धनराशि आवंटित नहीं की: चीमा

सैनी सरकार ने पंजाब चुनाव को ध्यान में रखते हुए एसवाईएल के लिए धनराशि आवंटित नहीं की: चीमा

सैनी सरकार ने पंजाब चुनाव को ध्यान में रखते हुए एसवाईएल के लिए धनराशि आवंटित नहीं की: चीमा
Modified Date: March 3, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: March 3, 2026 8:20 pm IST

चंडीगढ़, तीन मार्च (भाषा) पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर हरियाणा की भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य में 2027 में होने वाले चुनावों के मद्देनजर हाल में पेश किये गए बजट में इस परियोजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई।

उनके इस बयान को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पंजाब की निरंतर यात्राओं और पड़ोसी राज्य के लोगों के समक्ष अपनी शासन प्रणाली को आम आदमी पार्टी (आप) की शासन प्रणाली के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने पर करारा जवाब माना जा रहा है।

हरियाणा की विपक्षी पार्टियों, कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने दावा किया कि एसवाईएल नहर के पानी में राज्य के हिस्से को लेने का बजट में कोई जिक्र नहीं था।

मंगलवार को एसवाईएल नहर के मुद्दे पर एक सवाल का जवाब देते हुए चीमा ने कहा, ‘‘हर साल वह (हरियाणा सरकार) सतलुज यमुना लिंक नहर के लिए निधि रखती है। लेकिन इस साल, उन्होंने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ऐसा नहीं किया।’’

पंजाब के मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे ऐसा लगता है कि वे स्पष्ट करेंगे कि उन्होंने एसवाईएल नहर का मुद्दा बंद कर दिया है। मुझे लगता है कि वे एसवाईएल नहर से संबंधित दावे को उच्चतम न्यायालय और राज्यों की समितियों की बैठकों पर छोड़ देंगे।’’

एसवाईएल नहर का मुद्दा दोनों राज्यों के बीच विवाद का मुख्य कारण रहा है।

पंजाब सरकार का कहना है कि उसके पास अन्य राज्यों के लिए अतिरिक्त जल नहीं है और वह सिंधु नदी के जल में अपना उचित हिस्सा मांग रही है। वहीं दूसरी ओर, हरियाणा सरकार नदी के जल में अपना हिस्सा मांग रही है और उसका दावा है कि एसवाईएल नहर के निर्माण न होने के कारण उसे वह हिस्सा नहीं मिल रहा है।

पिछले साल मई में, उच्चतम न्यायालय ने नहर को लेकर दशकों पुराने विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए दोनों राज्यों को केंद्र सरकार के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया था।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश


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