#Sarkar: Election पर महाबुलेटिन..’राम’ का काज, 24 में किसे मिलेगा राज? Lok Sabha Election 2024
Lok Sabha Election 2024: राम मंदिर से जो राजनीतिक माहौल बना है..उस राममयी माहौल का असर लोकसभा चुनाव में पड़ेगा.,क्या मोदी सरकार हैट्रिक लगा पाएगी..सबसे बड़ा सवाल ये कि.. क्या वो कांग्रेस के 1984 के रिकॉर्ड को तोड़ पाएगी..देखिये एक रिपोर्ट
Lok Sabha Election 2024: नईदिल्ली। इसी साल लोकसभा चुनाव होने हैं.. सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है..विपक्ष जहां NDA सरकार को सत्ता से बाहर इंडी गठबंधन बनाकर मैदान में हैं..तो बीजेपी ने अपने सबसे पुराने चुनावी वादे को पूरा कर लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा दांव खेला है.. राम मंदिर से जो राजनीतिक माहौल बना है..उस राममयी माहौल का असर लोकसभा चुनाव में पड़ेगा.,क्या मोदी सरकार हैट्रिक लगा पाएगी..सबसे बड़ा सवाल ये कि.. क्या वो कांग्रेस के 1984 के रिकॉर्ड को तोड़ पाएगी..देखिये एक रिपोर्ट
500 साल बाद हिंदूस्तान, सनातन संस्कृति और समूचे हिंदू धर्म के लिए सौभाग्य का दिन आया.. अयोध्या में शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच पीएम मोदी ने शुभ मुहूर्त में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की.. और इसके साथ ङी अयोध्या सहित पूरा देश जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा..
इधर भगवान रामलला टेंट से भव्य मंदिर में शिफ्ट हुए..उधऱ प्राण प्रतिष्ठा के बाद पीएम मोदी ने अपने 35 मिनट के संबोधन में लोकसभा चुनाव के लिए पिच सेट कर दी. प्रधानमंत्री ने भावुक होकर कहा- आज प्रभु श्रीराम से क्षमा याचना करता हं, हमारे तपस्या में कोई कमी रह गई होगी, इतने साल मंदिर निर्माण का काम नहीं हो पाया..
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अयोध्या से पीएम का माफी मांगना कई मायनों में खास है..दरअसल बीजेपी की स्थापना के समय से ही अयोध्या और राम मंदिर निर्माण पार्टी का प्रमुख एजेंडा रहा है. बीजेपी हमेशा यही नारा देती रही है- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. अब जब अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई..तो पीएम मोदी ने राम विवाद को लेकर कहा कि कुछ लोग कहते थे कि मंदिर बना तो आग लग जाएगी..मैं उनसे कहूंगा राम विवाद नहीं समाधान हैं..
जाहिर तौर पर राम मंदिर हिंदू आस्था से जुड़ा मुद्दा है. अयोध्या और राम मंदिर के इर्द-गिर्द दो से 303 सीट तक का सफर तय करने वाली बीजेपी ने 2024 में 400 पार का लक्ष्य निर्धारित किया है. वहीं 50 फीसदी वोट शेयर हासिल करना उसका लक्ष्य है.. बीजेपी की रणनीति राम मंदिर के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की है.
वैसे भी कांग्रेस और अन्य दलों ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित कार्यक्रम का बहिष्कार कर बीजेपी को बैठे-बिठाए मौका दे दिया है. बीजेपी की रणनीति अब विपक्षी पार्टियों की इमेज सनातन विरोधी सेट करने की होगी, खासकर हिंदी बेल्ट में पार्टी के नेता इसे लगातार मुखर होंगे पिछले कुछ दिनों में बीजेपी ने न्यौता अस्वीकार करने को लेकर विपक्ष पर जिस तरह से हमला बोला है, वो भी इसी रणनीति की तरफ इशारा करता है.
इलेक्शन डेस्क, आईबीसी 24

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