न्यायालय ने राशन सूची से नाम हटाने के मामले में याचिकाकर्ता को कलकत्ता उच्च न्यायालय जाने को कहा

न्यायालय ने राशन सूची से नाम हटाने के मामले में याचिकाकर्ता को कलकत्ता उच्च न्यायालय जाने को कहा

न्यायालय ने राशन सूची से नाम हटाने के मामले में याचिकाकर्ता को कलकत्ता उच्च न्यायालय जाने को कहा
Modified Date: June 23, 2026 / 01:45 pm IST
Published Date: June 23, 2026 1:45 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक याचिकाकर्ता से कहा कि वह पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके नाम राशन सूची से भी हटाए जाने के आरोप से जुड़े अपने मामले को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख करे।

यह मामला न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष पेश किया गया और इसे तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा, ‘‘ एसआईआर के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें राशन सूची से भी हटाया जा रहा है, जिससे बड़ी समस्या पैदा हो रही है। बड़ी संख्या में लाभार्थियों के बाहर होने का खतरा है।’’

इस पर न्यायमूर्ति नागरत्ना ने सवाल किया कि याचिकाकर्ता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख क्यों नहीं किया।

पीठ ने कहा, ‘‘कलकत्ता उच्च न्यायालय काम कर रहा है, वहां जाइए।’’

वकील ने तर्क दिया कि एसआईआर प्रक्रिया को शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा है। इस पर पीठ ने टिप्पणी की कि राशन कार्ड से जुड़े मामले में कार्रवाई का एक अलग आधार है।

पीठ ने कहा, ‘‘कृपया इसे उच्च न्यायालय में ले जाइए।’’

चार जून को पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राज्यव्यापी सत्यापन अभियान का आदेश दिया था, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अयोग्य लाभार्थियों की पहचान कर उनके नाम हटाना था। यह प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के परिणामों से जुड़ी हुई थी।

आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस अभियान के दायरे में वे राशन कार्ड धारक आएंगे जिनके नाम एसआईआर के दौरान हटाए गए या जिन्हें अयोग्य पाया गया था और इस अभियान को 15 जून तक पूरा किया जाना था।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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