तेंदुओं को रिहायशी इलाकों में आने से रोकने के लिए कई कदम उठाए : राजस्थान के मंत्री

तेंदुओं को रिहायशी इलाकों में आने से रोकने के लिए कई कदम उठाए : राजस्थान के मंत्री

तेंदुओं को रिहायशी इलाकों में आने से रोकने के लिए कई कदम उठाए : राजस्थान के मंत्री
Modified Date: January 29, 2026 / 06:12 pm IST
Published Date: January 29, 2026 6:12 pm IST

जयपुर, 29 जनवरी (भाषा) जयपुर की रिहायशी कॉलोनियों में तेंदुए के घूमने की सात घटनाएं पिछले एक साल में सामने आईं हैं। राजस्थान विधानसभा में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई।

वन और पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि वन विभाग ने तेंदुओं को आबादी वाले इलाकों में आने से रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि दो दिसंबर 2024 को दो त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) गठित किए गए और उन्हें 24 घंटे सतर्क रखा गया। इन टीम को मालवीय नगर और विद्याधर नगर जैसे इलाकों में तैनात किया गया है जहां पहले तेंदुए के घूमने की खबरें आई थीं।

मंत्री ने कहा कि रणथंभौर से ‘प्रशिक्षित ट्रैकर्स’ को बुलाया गया और झालाना और आमागढ़ इलाकों के छह स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया गया।

मंत्री ने कहा कि उन जगहों पर लगातार निगरानी की जा रही है जहां से तेंदुए जंगल के इलाकों से बाहर निकलते हैं।

उन्होंने सदन को यह भी बताया कि तेंदुए की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए 20 नए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिससे इलाके में कैमरा ट्रैप की कुल संख्या 60 हो गई है।

मंत्री ने कहा कि इन उपायों का मकसद तेंदुए की आवाजाही पर नजर रखना और जयपुर में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।

उन्होंने बताया कि वन्य एवं वन्य जीव सम्बन्धित समस्याओं को विभाग को सूचित करने के लिए विभाग द्वारा एक प्रत्यक्ष ‘हेल्पलाइन नंबर 1926’ स्थापित किये जाने का काम जारी है।

शर्मा ने कहा कि इस हेल्पलाइन को एक माह के अन्दर चालू कर दिया जाएगा।

भाषा पृथ्वी शफीक

शफीक


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