गंगा नदी घाटी में सीवेज उपचार क्षमता सात वर्षों में 10 गुना बढ़ी: नमामि गंगे

गंगा नदी घाटी में सीवेज उपचार क्षमता सात वर्षों में 10 गुना बढ़ी: नमामि गंगे

गंगा नदी घाटी में सीवेज उपचार क्षमता सात वर्षों में 10 गुना बढ़ी: नमामि गंगे
Modified Date: May 13, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: May 13, 2026 9:58 pm IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने बुधवार को कहा कि नदी घाटी में सीवेज उपचार क्षमता (एसटीपी) पिछले सात वर्षों में 10 गुना बढ़ गई है।

एनएमसीजी ने इसे भारत के जल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की अभूतपूर्व प्रगति करार देते हुए कहा कि वर्ष 2018 में यह क्षमता 351 एमएलडी थी जो 2024-25 में बढ़कर 3,805 एमएलडी हो गई है।

राष्ट्रीय नदी गंगा के प्रदूषण को कम करने और संरक्षण के लिए सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘नमामि गंगे’ के ‘एक्स’ पर आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट में कहा गया है कि ’10 गुना कोई मार्केटिंग आंकड़ा नहीं है’ बल्कि यह नदी पुनरुद्धार कार्यक्रम के तहत निर्मित बुनियादी ढांचे के पैमाने को दर्शाता है।

पोस्ट में कहा गया, ‘‘ये विवरण दिखाते हैं कि गंगा नदी घाटी में सात वर्षों में सीवेज उपचार की परिचालन क्षमता में कितनी वृद्धि हुई है। वर्ष 2018 में यह क्षमता 351 एमएलडी थी जो आज 3,805 एमएलडी हो गई है।’’

पोस्ट में कहा गया, ‘‘नमामि गंगे के तहत बुनियादी ढांचे के निर्माण का पैमाना भारत के जल क्षेत्र में अभूतपूर्व है।’’

एनएमसीजी ने बताया कि 231 परियोजनाओं में 6,219 एमएलडी क्षमता पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, जो 8,220 एमएलडी के कुल लक्ष्य का 76 प्रतिशत है।

भाषा आशीष माधव

माधव


लेखक के बारे में