अखिलेश ने ‘मच्छर-माफियां’ वाले बयान पर साधा योगी पर निशाना, शिवराज चौहान ने किया पलटवार

अखिलेश ने 'मच्छर-माफियां' वाले बयान पर साधा योगी पर निशाना, शिवराज चौहान ने किया पलटवार

अखिलेश ने ‘मच्छर-माफियां’ वाले बयान पर साधा योगी पर निशाना, शिवराज चौहान ने किया पलटवार
Modified Date: March 25, 2026 / 10:20 pm IST
Published Date: March 25, 2026 10:20 pm IST

लखनऊ/गोरखपुर (उप्र), 25 मार्च (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को ‘माफिया और मच्छर’ वाली टिप्पणी को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार जारी है।

यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘स्वयं को माफियां देकर मुक़दमा मुक्त कर लिया और जो काम मच्छर करते थे वो सत्ताधीश ख़ुद कर रहे हैं। जनता इनके भ्रष्टाचार के काटने से रक्त मुक्त हो गयी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोग बयान देते समय अपने अनुयायियों को जो समझते हैं, वो एक सभ्य-शालीन व्यक्ति को लिखने में भी शर्म आए। इनकी बात सुनकर तो झूठ भी आत्महत्या कर ले। अजब लोग हैं।’’

यादव ने एक मीडिया रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें आदित्यनाथ का यह बयान छपा था कि राज्य अब ‘माफिया और मच्छरों’ से मुक्त हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर महोत्सव के समापन अवसर पर अपने सम्बोधन में पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस रोग का कारण बनने वाले मच्छरों और माफिया का जिक्र करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश से इन दोनों का ही सफाया हो गया है। उन्होंने कहा था कि एक शरीर को अस्वस्थ करता है और दूसरा समाज को।

इस बीच, सपा प्रमुख के तंज का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गोरखपुर में कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘‘डर को दफन कर दिया गया है और भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है’’।

यादव पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा, ‘‘अगर कोई सोते हुए सपना देखता है तो वह अलग बात है, लेकिन अखिलेश जी तो जागते हुए भी सपने देख रहे हैं। शायद उन्हें अपने ही कार्यकाल की याद आ रही है।’’

चौहान ने मानीराम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जंगल कौड़िया स्थित भीमराव आंबेडकर कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान राज्य में खराब बुनियादी ढांचा, जलभराव, गंदगी और कानून-व्यवस्था की कमी जैसी समस्याएं आम थीं मगर अब डर, अपराध और भ्रष्टाचार का वह दौर अब खत्म हो चुका है।

भाषा सं. सलीम धीरज

धीरज


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