सिद्धरमैया ने भाजपा पर सत्ता के केंद्रीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

सिद्धरमैया ने भाजपा पर सत्ता के केंद्रीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

सिद्धरमैया ने भाजपा पर सत्ता के केंद्रीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया
Modified Date: June 28, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: June 28, 2026 7:39 pm IST

मैसुरु (कर्नाटक), 28 जून (भाषा) कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को मैसुरु में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जागरूकता अभियान के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का लोकतंत्र और संविधान में कोई विश्वास नहीं है तथा वह सत्ता के केंद्रीकरण की समर्थक है।

सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के बजाय सत्तावादी सोच पर आधारित है।

उन्होंने कहा, ‘‘वे पिछले दरवाजे से सत्ता में आए। क्या आप जानते हैं क्यों? क्योंकि उन्हें लोकतंत्र और बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान पर कोई विश्वास नहीं है। अगर लोकतंत्र और संविधान का कोई विरोधी है, तो वह भाजपा के सदस्य हैं।’

सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की भाजपा की वकालत उसकी सत्तावादी सोच को दर्शाती है।

उन्होंने कहा, ‘भाजपा इस देश में सत्तावादी शासन चाहती है। यही कारण है कि वह ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की वकालत करती है।’

सिद्धरमैया ने सवाल किया कि हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों पर ऐतिहासिक रूप से अत्याचार किसने किए।

उन्होंने कहा, ‘अब वे हिंदुत्व की बात करते हैं। आज हिंदुओं पर अत्याचार किसने किया? जाति विभाजन और वर्ण व्यवस्था किसने बनाई? शूद्रों को सैकड़ों वर्षों तक शिक्षा से किसने वंचित रखा? आपको यह समझना होगा। यही कारण है कि बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था कि जो लोग इतिहास नहीं जानते, वे कभी इतिहास नहीं रच सकते।’

उन्होंने कहा, ‘आपको इतिहास जानना चाहिए। हर व्यक्ति, हर भारतीय को हमारा इतिहास पता होना चाहिए। जब हम उसे समझेंगे, तभी उसे सुधार सकेंगे और नया इतिहास लिख पाएंगे।’

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश


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