एसआईआर ‘संस्थागत चोरी’ है, निर्वाचन आयोग ‘वोट चोरी’ के लिए भाजपा के साथ साठगांठ कर रहा: राहुल

एसआईआर ‘संस्थागत चोरी’ है, निर्वाचन आयोग 'वोट चोरी' के लिए भाजपा के साथ साठगांठ कर रहा: राहुल

एसआईआर ‘संस्थागत चोरी’ है, निर्वाचन आयोग ‘वोट चोरी’ के लिए भाजपा के साथ साठगांठ कर रहा: राहुल
Modified Date: August 8, 2025 / 11:16 am IST
Published Date: August 8, 2025 11:16 am IST

नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को ‘‘संस्थागत चोरी’’ करार देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि निवार्चन आयोग गरीबों के मताधिकार को छीनने के उद्देश्य से इस ‘‘चोरी’’ को अंजाम देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ ‘‘खुलेआम साठगांठ’’ कर रहा है।

गांधी ने अपने यूट्यूब चैनल पर जारी एक वीडियो में आरोप लगाया कि बिहार में एसआईआर इसलिए लाया गया क्योंकि निर्वाचन आयोग जानता है कि ‘‘हमने उनकी चोरी पकड़ ली है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और भाजपा ‘‘मतों को चुराने’’ के लिए ‘‘साठगांठ’’ कर रहे हैं।

गांधी ने एक दिन पहले ही एक संवाददाता सम्मेलन में देश भर के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में ‘‘वोट चोरी’’ मॉडल का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया था। गांधी ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर कांग्रेस द्वारा की गई जांच और 2024 के लोकसभा चुनाव संबंधी कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों के विश्लेषण के बारे में बताया।

गांधी ने कांग्रेस की जांच का हवाला देते हुए वीडियो में अपने आरोपों को दोहराया कि कर्नाटक की बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में ‘‘पांच प्रकार की हेराफेरी’’ के माध्यम से एक लाख से अधिक वोट ‘‘चुराए’’ गए।

उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चुराए गए।

गांधी ने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि भारत में ऐसी 100 से अधिक सीट हैं। यहां जो हुआ है, वही उन सीट पर भी हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर भाजपा की 10-15 सीट कम होतीं तो मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते और ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन की सरकार होती।’’

उन्होंने वीडियो में महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में पाई गई ‘‘पांच तरह की वोट चोरी’’ का जिक्र किया।

गांधी ने आरोप लगाया कि महादेवपुरा क्षेत्र में 1,00,250 वोट की चोरी हुई, जिसमें 11,965 ‘डुप्लीकेट’ मतदाता, 40,009 फर्जी एवं अमान्य पते वाले मतदाता, 10,452 ‘बल्क’ मतदाता या एक ही पते पर पंजीकृत मतदाता, 4,132 फर्जी फोटो वाले मतदाता और 33,692 नए मतदाता के प्रपत्र छह का दुरुपयोग करके जोड़े गए मतदाता शामिल हैं।

उन्होंने स्क्रीन पर ‘‘हेराफेरी के प्रत्येक तरीके’’ का उदाहरण दिखाकर अपने आरोपों पर विस्तार से बात की।

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना


लेखक के बारे में