एसकेएम का प्रतिनिधिमंडल रविवार को जंतर-मंतर पर कॉजपा के विरोध प्रदर्शन में शामिल होगा
एसकेएम का प्रतिनिधिमंडल रविवार को जंतर-मंतर पर कॉजपा के विरोध प्रदर्शन में शामिल होगा
नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) केंद्र के अब निरस्त किये जा चुके कृषि कानूनों के खिलाफ 2020-21 के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के नेतृत्व में चल रहे धरने को अपना समर्थन दिया है। उसने घोषणा की है कि उसका एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को जंतर-मंतर पर हो रहे इस आंदोलन में शामिल होगा।
कॉजपा अध्यक्ष अभिजीत दीपके को लिखे एक पत्र में एसकेएम ने रविवार को कहा कि वह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन और इसमें शामिल होने वाले छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों के साथ “पूरी तरह एकजुट” है।
किसान संगठन ने कहा कि उसका एक प्रतिनिधिमंडल रविवार सुबह 11 बजे विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर जाएगा। वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन करेंगे। वांगचुक कई छात्रों के साथ मिलकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
एसकेएम ने उन छात्रों और परिवारों के प्रति भी “गहरी संवेदना” व्यक्त की, जो मोदी सरकार की “लगातार पेपर लीक और परीक्षा के कुप्रबंधन” से प्रभावित हुए हैं।
पत्र में कहा गया है, “हर छात्र को शिक्षा और परीक्षाओं की एक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय व्यवस्था का अधिकार है। इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।”
किसान संगठन ने कहा कि उसकी राष्ट्रीय परिषद ने 17 जून को एक प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव में प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले छात्र आंदोलन का समर्थन किया गया और भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र में “घोटाले की संस्कृति” का विरोध किया गया।
इसमें यह भी कहा गया कि उसने पहले कॉजपा के सोशल मीडिया खातों पर लगी रोक की निंदा की थी।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप

Facebook


