स्टालिन के शासनकाल में महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों में चौंका देने वाली वृद्धि : पलानीस्वामी

स्टालिन के शासनकाल में महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों में चौंका देने वाली वृद्धि : पलानीस्वामी

स्टालिन के शासनकाल में महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराधों में चौंका देने वाली वृद्धि : पलानीस्वामी
Modified Date: April 2, 2026 / 08:08 pm IST
Published Date: April 2, 2026 8:08 pm IST

धर्मपुरी (तमिलनाडु), दो अप्रैल (भाषा) अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार जन सुरक्षा सुनिश्चित करने में “विफल” रही है, और दावा किया कि सरकार ने स्वयं राज्य में लगभग 18,000 पॉक्सो मामलों के पंजीकरण को स्वीकार किया है।

धर्मपुरी में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने अपने दावे के समर्थन में विधानसभा में सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तीकरण मंत्री पी. गीता जीवन द्वारा दिए गए एक बयान का हवाला दिया।

उन्होंने कहा कि मंत्री के जवाब ने न केवल यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम मामलों की उच्च संख्या की पुष्टि की, बल्कि पीड़ितों को दिए गए मुआवजे का भी विस्तृत विवरण दिया, जिसे पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति का परिचायक बताया।

अन्नाद्रमुक प्रमुख ने “द्रविड़ मॉडल” को भी दिखावा बताकर खारिज करते हुए दावा किया कि तमिलनाडु बढ़ते कर्ज में सबसे आगे है।

उन्होंने जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को उजागर करते हुए कहा कि द्रमुक के कार्यकाल में बिजली की दरों में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

पलानीस्वामी ने मतदाताओं से मौजूदा सरकार को खारिज करने का आग्रह करते हुए उसकी नीतियों को राज्य की वित्तीय सेहत और नागरिकों की सुरक्षा दोनों के लिए “हानिकारक” बताया।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश


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