जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र के कब्जे के बाद स्थगन आदेश नहीं दिया जा सकता: उच्च न्यायालय

जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र के कब्जे के बाद स्थगन आदेश नहीं दिया जा सकता: उच्च न्यायालय

जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र के कब्जे के बाद स्थगन आदेश नहीं दिया जा सकता: उच्च न्यायालय
Modified Date: June 29, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: June 29, 2026 6:59 pm IST

नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि जब केंद्र सरकार रेस कोर्स इलाके में 15.20 एकड़ के जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्ज़ा ले चुकी है तो उस पर रोक का आदेश नहीं दिया जा सकता। इंडियन पोलो एसोसिएशन ने परिसर से बेदखली के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान मैदान की खुदाई को लेकर चिंता जताई थी।

न्यायमूर्ति विनोद कुमार की अवकाशकालीन पीठ ने इंडियन पोलो एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मौखिक टिप्पणी की। एसोसिएशन ने यह याचिका सत्र अदालत के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी, जिसमें उसकी अपील पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया गया था।

सत्र अदालत का आदेश उपलब्ध नहीं होने का जिक्र करते हुए अवकाशकालीन पीठ ने याचिका को एक जुलाई को ‘रोस्टर बेंच’ के समक्ष सूचीबद्ध किया और टिप्पणी की कि जब एक बार प्राधिकार कब्जा ले चुका हो, तो स्थगन प्रदान नहीं किया जा सकता।

अदालत ने कहा, ‘‘एक बार जब सरकार द्वारा कब्जा ले लिया जाता है, तो स्थगन का कोई सवाल नहीं रह जाता। यदि आप अपील में सफल होते हैं, तो यथास्थिति पूर्ववत बहाल कर दी जाएगी।’’

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत से आग्रह किया कि इस बीच पोलो ग्राउंड को खोदने से रोका जाए, क्योंकि ऐसा न करने पर सत्र अदालत में लंबित बेदखली आदेश के खिलाफ दायर अपील निरर्थक हो जाएगी।

उन्होंने जोर दिया कि अधिकारी जयपुर पोलो ग्राउंड की घास को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद’’ कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया, ‘‘आदेश आने दीजिए। ज़मीन खोदने की इतनी जल्दी क्या है? यह 100 साल पुराना मैदान है। उन्हें एक तारीख़ तक ज़मीन नहीं खोदनी चाहिए।’’

केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने अदालत को बताया कि पोलो ग्राउंड में चारदीवारी बनाने के लिए निशान लगाए जा रहे हैं और मैदान की घास वाली जगह पर कोई काम नहीं किया जा रहा है जहां खेल खेला जाता है।

इंडियन पोलो एसोसिएशन ने अपनी याचिका में सत्र अदालत के 18 जून के आदेश को चुनौती दी है। यह सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है। अदालत ने एसोसिएशन की अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्ज़ा वापस पाने, मई 20 के बेदखली आदेश को लागू करने पर रोक लगाने और मैदान को खोदने, उसमें छेड़छाड़ करने या बदलाव करने से रोकने का अनुरोध किया गया था।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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