मां के शव के पास रोती बच्ची की वीडियो से स्तब्ध पटनायक ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने को कहा

मां के शव के पास रोती बच्ची की वीडियो से स्तब्ध पटनायक ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने को कहा

मां के शव के पास रोती बच्ची की वीडियो से स्तब्ध पटनायक ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने को कहा
Modified Date: May 6, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: May 6, 2026 6:40 pm IST

भुवनेश्वर, छह मई (भाषा) ओडिशा के गंजाम जिले में एक गर्भवती महिला के शव के पास रोती हुई तीन साल की बच्ची का वीडियो सामने आने पर स्तब्ध बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर महिला की हत्या मामले में हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मंगलवार को गंजाम जिले के हिंजिली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत खरिडा गांव में हुई इस जघन्य घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘‘तीन साल की बच्ची का अपनी मां के शव के पास रोना ओडिशा की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला है।’’

खबरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, 21 वर्षीय गर्भवती महिला पूजा स्वैन की उसके ससुराल के घर के बाहर धरने पर बैठने के दौरान हत्या कर दी गई। वह अपनी बेटी के अधिकारों की मांग कर रही थी।

पत्र में पटनायक ने कहा कि महिला अपने पति के घर के सामने धरना दे रही थी, तभी उस पर हमला किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री और राज्य के गृह विभाग के प्रभारी मंत्री के तौर पर मैं आपसे आग्रह करता हूं कि पुलिस को निर्देश दें कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, इस घटना की गवाह बनी तीन वर्षीय बेटी के लिए तत्काल राज्य की ओर से देखभाल, मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा यह भी जांच हो कि जब पीड़िता न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठी थी, तब पुलिस ने कोई निवारक कार्रवाई क्यों नहीं की।’’

पटनायक ने कहा, ‘‘मैं आपसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करता हूं ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’’

वहीं, राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि सरकार गंजाम जिले में हुई इस जघन्य घटना से अवगत है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस मामले में सरकार सक्रिय है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखने की आवश्यकता नहीं थी।’’

भाषा गोला पवनेश

पवनेश


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