उच्चतम न्यायालय ने ‘कहानी 2’ को लेकर फिल्मकार सुजॉय घोष के खिलाफ दायर कॉपीराइट मामले को खारिज किया

उच्चतम न्यायालय ने 'कहानी 2' को लेकर फिल्मकार सुजॉय घोष के खिलाफ दायर कॉपीराइट मामले को खारिज किया

उच्चतम न्यायालय ने ‘कहानी 2’ को लेकर फिल्मकार सुजॉय घोष के खिलाफ दायर कॉपीराइट मामले को खारिज किया
Modified Date: March 20, 2026 / 12:20 pm IST
Published Date: March 20, 2026 12:20 pm IST

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने फिल्मकार सुजॉय घोष की फिल्म ‘कहानी 2’ को लेकर उनके खिलाफ कथित कॉपीराइट उल्लंघन के एक मामले में झारखंड की एक अदालत के समक्ष लंबित कार्यवाही को शुक्रवार को रद्द कर दिया।

न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने घोष की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें झारखंड उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने घोष के खिलाफ लंबित कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया था।

पीठ ने घोष की याचिका स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा सात जून, 2018 को पारित समन आदेश और उच्च न्यायालय द्वारा 22 अप्रैल, 2025 को पारित आदेश को रद्द किया जाता है तथा निरस्त किया जाता है।’’

उच्चतम न्यायालय ने हजारीबाग के सीजेएम की अदालत में लंबित मामले को रद्द करने की घोष की याचिका पर झारखंड सरकार को पिछले साल जुलाई में नोटिस जारी किया था।

फिल्मकार ने कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 63 के तहत उनके खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का प्रथम दृष्टया मामला बनने संबंधी सीजेएम अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी जिसे उसने खारिज कर दिया था।

शिकायतकर्ता उमेश प्रसाद मेहता ने फिल्म ‘सबक’ की एक पटकथा लिखी थी, जिसे उसका कॉपीराइट प्राप्त करने के लिए हजारीबाग के नोटरी पब्लिक ने प्रमाणित किया था।

यह आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता ने घोष से मुलाकात की थी और एक सिफारिश पत्र प्राप्त किया था जो किसी फिल्म की पटकथा का कॉपीराइट प्राप्त करने के लिए आवश्यक था।

आरोप है कि घोष ने शिकायतकर्ता की पटकथा की एक प्रति अपने पास रख ली और ‘कहानी 2’ फिल्म बनाकर शिकायतकर्ता के कॉपीराइट का जानबूझकर उल्लंघन किया।

शिकायतकर्ता ने हजारीबाग के एक फिल्म केंद्र में यह फिल्म देखी थी जिसके बाद उसने आरोप लगाया कि घोष ने उसकी पटकथा चोरी कर कॉपीराइट का उल्लंघन किया।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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