मप्र में ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी करने पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 4 हफ्ते में राज्य सरकार से मांगा जवाब

मप्र में ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी करने पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 4 हफ्ते में राज्य सरकार से मांगा जवाब

मप्र में ओबीसी आरक्षण 27 फीसदी करने पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, 4 हफ्ते में राज्य सरकार से मांगा जवाब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: April 12, 2019 8:34 am IST

दिल्ली। मध्यप्रदेश में कमलनाथ के ओबीसी आरक्षण बढ़ाकर 27% करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्तों में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इस मामले में राज्य सरकार के फैसले को क्षत्रिय महासभा के ओंकार सिंह कुशवाहा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने यह नोटिस जारी किया।

कुशवाहा ने याचिका में दलील थी कि OBC आरक्षण बढ़ाए जाने से अधिकतम 50% आरक्षण के कानून का उल्लंघन होगा। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट 4 हफ्ते बाद अगली सुनवाई करेगा। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च माह में कमलनाथ सरकार के ओबीसी को 14 की जगह पर 27 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले पर जबलपुर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।

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याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जज आरएस झा तथा जज संजय द्विवेदी की युगलपीठ ने आदेश लागू करने पर रोक लगाने के साथ ही मुख्य सचिव और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (डीएमई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।


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