तमिलनाडु विधानसभा चुनाव मेरे लिए गहरा अहसास है: विजय

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव मेरे लिए गहरा अहसास है: विजय

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव मेरे लिए गहरा अहसास है: विजय
Modified Date: March 4, 2026 / 04:59 pm IST
Published Date: March 4, 2026 4:59 pm IST

तंजावुर (तमिलनाडु), चार मार्च (भाषा) टीवीके के संस्थापक अभिनेता विजय ने तमिलनाडु के मतदाताओं से उन्हें राज्य में शासन करने का मौका देने की अपील करते हुए बुधवार को कहा कि आने वाला चुनाव उनके लिए सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि एक ‘गहरा असहास’ है।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर हमला तेज करते हुए विजय ने कहा कि चुनाव के बाद लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का उनका दावा पूरा नहीं होगा, पार्टी के सुप्रीमो दिवंगत एम. करुणानिधि भी ऐसा नहीं कर सके थे।

यहां पार्टी पदाधिकारियों की सभा को संबोधित करते हुए टीवीके प्रमुख ने तमिलनाडु की जनता से आगामी चुनावों में उन्हें मौका देने की अपील की।

विजय ने अप्रैल में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के बारे में कहा, ‘‘यह दूसरों के लिए साधारण चुनाव लग सकता है, लेकिन मेरे और मुझे प्यार करने वाली जनता के लिए यह एक भावना है, समुद्र के उफान जैसी भावना।’’

बैठक के दौरान विजय अपने पारंपरिक सफेद कमीज और हल्के भूरे रंग की पैंट के साथ गले में हरे रंग का गमछा डाले नजर आए जो कावेरी डेल्टा क्षेत्र की कृषि पृष्ठभूमि का प्रतीक माना जाता है। तंजावुर जिले को तमिलनाडु का “धान का कटोरा” भी कहा जाता है और किसान परंपरागत रूप से हरा गमछा धारण करते हैं।

उन्होंने कहा कि तमिलगा वेट्टी कषगम (टीवीके) का चुनाव चिह्न ‘‘सीटी’’ तमिलनाडु के हर घर और हर मतदान केंद्र में गूंजना चाहिए और पार्टी के लिए शानदार जीत सुनिश्चित करनी चाहिए।

विजय ने कहा, ‘‘दिल्ली की टीम क्रिकेट में भी तमिलनाडु की टीम को नहीं हरा सकती’’। उन्होंने आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग के ‘सीटी बजाओ’ नारे का उल्लेख किया।

विजय ने सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर भी निशाना साधते हुए उसे एक बार फिर ‘‘दुष्ट शक्ति’’ करार दिया और कहा कि अब तो बच्चे भी इसे लेकर यही कहने लगे हैं।

रेत खनन के मुद्दे पर सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार की आलोचना करते हुए विजय ने मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें समुद्र तट की रेत के बड़े पैमाने पर खनन में राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और निजी खननकर्ताओं के बीच कथित सांठगांठ की जांच सीबीआई से कराने को कहा गया था और विजय ने सवाल किया कि क्या स्टालिन इन सभी बातों से इनकार करेंगे।

विजय ने आरोप लगाया कि द्रमुक शासन में प्राकृतिक संसाधन तेजी से समाप्त हो रहे हैं और राज्य आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है।

किसानों के मुद्दे पर स्टालिन को निशाना बनाते हुए विजय ने कहा कि कावेरी डेल्टा क्षेत्र से होने का दावा करने के बावजूद मुख्यमंत्री ने चेन्नई के पास परंदूर हवाई अड्डे के विस्तार जैसी परियोजनाओं का विरोध करने वाले किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए।

उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीलंकाई नौसेना के हमलों का सामना कर रहे राज्य के मछुआरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

भाषा खारी पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में