उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक पूर्ण विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक पूर्ण विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून, चार जुलाई (भाषा) पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल पूरे करने के मौके पर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य 2035 तक प्रदेश को पूर्ण विकसित बनाने का है जिसके लिए प्रदेश में आधारभूत संरचना, निवेश सहित सभी क्षेत्रों के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है ।
इस अवसर पर ऋषिकेश में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से पांच वर्ष पूर्व उन्हें उत्तराखंड की सेवा का अवसर मिला था और तब से यह यात्रा जनसेवा, सुशासन एवं समर्पण की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है ।
उन्होंने कहा, ‘‘यह पड़ाव हमारे लिए उत्सव मनाने का नहीं बल्कि उत्तराखंड को श्रेष्ठ बनाने के विकल्प रहित संकल्प को और मजबूती देने का है। हमारा लक्ष्य सिर्फ कार्यकाल पूरा करना नहीं है, बल्कि हमारा लक्ष्य एक समरस और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण करना है। वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को पूर्ण रूप से विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य को लेकर हम काम कर रहे हैं।’’
धामी ने कहा कि इसी उद्देश्य से प्रदेश में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, कृषि, पर्यटन, उद्योग, निवेश, स्वरोजगार एवं सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है ।
इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) भी मौजूद रहे ।
तीरथ सिंह रावत के इस्तीफा देने के बाद धामी ने चार जुलाई 2021 को पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला था।
वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के जीतने के बाद उन्होंने प्रदेश की दोबारा कमान संभाली।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि प्रदेश की जनता का विश्वास, स्नेह एवं आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने अपनी सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्ध्यिों को गिनाया और कहा कि ये उपलब्धियां पुरस्कार नहीं बल्कि इस बात का प्रमाण हैं कि आज उत्तराखंड सही और तेज गति से विकसित भारत की यात्रा में आगे बढ़ रहा है ।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि उनकी सरकार ने राजनीति से उपर उठकर ऐसे ऐतिहासिक फैसले भी किए जिनका साहस पूर्ववर्ती सरकारें नहीं कर पायीं।
उन्होंने इस संबंध में समान नागरिक संहिता, मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की नींव रखे जाने और देश के सबसे कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया।
इस मौके पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के लिए 219 करोड़ रुपये से अधिक की 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया ।
भाषा दीप्ति संतोष
संतोष

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