तेलंगाना विधानसभा ने दलों की मांग पर घृणास्पद भाषण विधेयक को चयन समिति के पास भेजा

तेलंगाना विधानसभा ने दलों की मांग पर घृणास्पद भाषण विधेयक को चयन समिति के पास भेजा

तेलंगाना विधानसभा ने दलों की मांग पर घृणास्पद भाषण विधेयक को चयन समिति के पास भेजा
Modified Date: March 30, 2026 / 05:08 pm IST
Published Date: March 30, 2026 5:08 pm IST

हैदराबाद, 30 मार्च (भाषा) तेलंगाना विधानसभा ने सोमवार को भाजपा, भाकपा और सत्ताधारी कांग्रेस के कुछ सदस्यों की मांग के बाद घृणास्पद भाषण को रोकने के उद्देश्य से लाए गए विधेयक को एक चयन समिति को भेज दिया।

तेलंगाना घृणास्पद भाषण और घृणा अपराध (रोकथाम) विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों के विवरण के अनुसार, घृणास्पद भाषण तथा घृणा अपराधों को प्रभावी ढंग से रोकने और विनियमित करने के लिए एक समर्पित कानून की आवश्यकता है, क्योंकि मौजूदा कानूनी ढांचा घृणास्पद भाषण और अपराधों का व्यापक समाधान प्रदान नहीं करता।

मुख्यमंत्री की ओर से विधेयक पेश करने वाले और बाद में बहस का जवाब देने वाले राज्य परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत अन्य दलों के सदस्यों के इन आरोपों का खंडन किया कि विधेयक के प्रावधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं।

उन्होंने कहा कि विधेयक नागरिक अधिकारों का उल्लंघन किए बिना प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि विधेयक को विस्तृत जांच और रिपोर्ट के लिए सदन की एक चयन समिति को भेजा जाए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सदस्य कुनामनेनी सांबसिवा राव ने किसी संगठन के केवल एक सदस्य द्वारा आपत्तिजनक भाषण देने पर संगठन के खिलाफ मामला दर्ज करने के कथित प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए विधेयक को वापस लेने की मांग की।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल


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