शीर्ष न्यायालय ने एक मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के अलग-अलग आदेशों को बहुत असामान्य बताया |

शीर्ष न्यायालय ने एक मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के अलग-अलग आदेशों को बहुत असामान्य बताया

शीर्ष न्यायालय ने एक मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के अलग-अलग आदेशों को बहुत असामान्य बताया

: , September 23, 2022 / 10:40 PM IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एक दीवानी मामले में मद्रास उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के दो भिन्न आदेशों को बहुत असामान्य बताया और अदालत के रजिस्ट्रार जनरल से इस संबंध में एक सीलबंद लिफाफे में चार हफ्तों में एक रिपोर्ट मांगी है।

शीर्ष न्यायालय ने खंड पीठ द्वारा एक सितंबर को एक ही मामले में सुनाये गये दो अलग-अलग आदेशों के लिए जिम्मेदार परिस्थतियों को रिपोर्ट में स्पष्ट करने को कहा है।

न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता के. सुब्रमण्यन की दलीलों पर गौर किया,जो एक पक्षकार की ओर से पेश हुए थे। उन्होंने दलील दी कि खुली अदालत में सुनाया गया आदेश उन्हें प्राप्त हुई इसकी सत्यापित प्रति से अलग है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि मामले से जुड़े अलग-अलग आदेश दो भिन्न समय पर अदालत की वेबसाइट पर पोस्ट किये गए थे।

पीठ ने मामले के दोनों पक्षों को पूर्व के आदेश के अनुसार यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया है।

भाषा सुभाष संतोष

संतोष

 

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