कांग्रेस नेता ने मणिपुर में कानून व्यवस्था और जातीय तनाव को लेकर भाजपा की आलोचना की

कांग्रेस नेता ने मणिपुर में कानून व्यवस्था और जातीय तनाव को लेकर भाजपा की आलोचना की

कांग्रेस नेता ने मणिपुर में कानून व्यवस्था और जातीय तनाव को लेकर भाजपा की आलोचना की
Modified Date: March 21, 2026 / 06:30 pm IST
Published Date: March 21, 2026 6:30 pm IST

इंफाल, 21 मार्च (भाषा) कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघचंद्र सिंह ने शनिवार को मणिपुर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा और इसे राज्य में शासन करने वाली ‘सबसे कमजोर सरकार’ बताया।

उन्होंने दावा किया, ‘हमें सरकार से कोई उम्मीद नहीं है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि नागा और कुकी समुदायों के बीच नया तनाव पैदा हो गया है, जबकि लगभग तीन साल से चल रहा जातीय संघर्ष (मेइती और कुकी-ज़ो के बीच) का अभी तक हल नहीं हुआ है।’

पिछले महीने मणिपुर के उखरुल जिले के लिटान सारेइखोंग इलाके में कथित तौर पर तंगखुल नागा गांव के स्वयंसेवकों द्वारा गोलीबारी की एक और घटना सामने आई, जिससे लोगों में दहशत और हंगामा मच गया। पुलिस ने लिटान और उसके आसपास रहने वाले कुकी और नागा समुदायों से आगे की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए अफवाहें न फैलाने का अनुरोध किया था।

दूसरी ओर मई 2023 से लेकर अब तक मेइती और कुकी-ज़ो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कोई उम्मीद नहीं है। राज्य और केंद्र सरकारें आपस में समन्वय नहीं कर रही हैं, और इसी वजह से लगभग तीन साल से चल रहा यह संघर्ष समाप्त नहीं हो सका। हमें सरकारों में इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कोई गंभीरता नजर नहीं आती।’

उन्होंने कहा, ‘राज्य और केंद्रीय बलों के अधिकार क्षेत्र में आगजनी और हत्याएं हो रही हैं। राज्य सरकार शांति के लिए कोई रोडमैप लाने में असमर्थ है। यह सब मणिपुर में मौजूद सबसे कमजोर सरकार के कारण है।’

सिंह ने आरोप लगाया, ‘वे आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से संबंधित मुद्दों को हल करने या शांति स्थापित करने में सक्षम नहीं रहे हैं। उनकी कोई जिम्मेदारी या जवाबदेही नहीं है।’

भाषा तान्या माधव

माधव


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