विश्व मृदा दिवस ,किसान और मिटटी की महत्ता जानने का दिन

विश्व मृदा दिवस ,किसान और मिटटी की महत्ता जानने का दिन

विश्व मृदा दिवस ,किसान और मिटटी की महत्ता जानने का दिन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:59 pm IST
Published Date: December 5, 2017 8:27 am IST

किसानो और आम लोगों को मिट्टी की महत्ता के बारे में जागरूक करने के लिए  20 दिसंबर  2013 को प्रति वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मिट्टी दिवस, (IYS 2015) मनाने का फैसला लिया गया था.इसकी एक खास वजह थी मिट्ठी की महत्ता को लोग जाने।  विश्व के बहुत से भागों में उपजाऊ मिट्टी बंजर और किसानो द्वारा ज्यादा रसायनिक खादों और कीड़ेमार दवाईओं का इस्तेमाल करने से मिट्टी के जैविक गुणों में कमी आने के कारण इसकी उपजाऊ क्षमता में गिरावट आ रही है और यह प्रदूशंन का भी शिकार हो रही है।इसलिए किसानो और आम जनता को इसकी सुरक्षा के लिए जागरूक करने की जरूरत है.छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज इस अवसर पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड  देकर लोगो को बधाई दी है.

 

आज विश्व मृदा दिवस पर किसानों को जागरूक करने कृषि विज्ञान केंद्र दिल्ली में भी  विश्व मृदा दिवस मनाया  जा रहा है । इस अवसर पर आयोजित रबी किसान सम्मेलन में दिल्ली देहात के विभिन्न गांवों से 150 किसान मौजूद रहेंगे। 

विश्व मिट्टी दिवस की संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर वर्ष 5 दसंबर को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उदेश्य .इस दिवस पर रोम, न्यूयॉर्क और सैंटियागो डे चिली में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ इन देशो में  मिट्टी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और महत्वपूर्ण संसाधन के स्थायी उपयोग को बढ़ावा देने लिए वर्ष भर कुछ न कुछ कार्यक्रम किये जाते हैं।

  संयुक्त राष्ट्र ने मिट्टी के उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु विश्व मृदा दिवस को थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज और एफएओ ग्लोबल सोइल पार्टनरशिप (जीएसपी) के अनुरोध पर मंजूरी प्रदान की. गौरतलब है कि इस दिन थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज का जन्मदिन भी होता है। 


लेखक के बारे में