विश्व मृदा दिवस ,किसान और मिटटी की महत्ता जानने का दिन
विश्व मृदा दिवस ,किसान और मिटटी की महत्ता जानने का दिन
किसानो और आम लोगों को मिट्टी की महत्ता के बारे में जागरूक करने के लिए 20 दिसंबर 2013 को प्रति वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मिट्टी दिवस, (IYS 2015) मनाने का फैसला लिया गया था.इसकी एक खास वजह थी मिट्ठी की महत्ता को लोग जाने। विश्व के बहुत से भागों में उपजाऊ मिट्टी बंजर और किसानो द्वारा ज्यादा रसायनिक खादों और कीड़ेमार दवाईओं का इस्तेमाल करने से मिट्टी के जैविक गुणों में कमी आने के कारण इसकी उपजाऊ क्षमता में गिरावट आ रही है और यह प्रदूशंन का भी शिकार हो रही है।इसलिए किसानो और आम जनता को इसकी सुरक्षा के लिए जागरूक करने की जरूरत है.छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज इस अवसर पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड देकर लोगो को बधाई दी है.
मृदा स्वास्थ्य कार्ड ने किसान भाइयों को मिट्टी की प्रकृति के अनुरूप फसल चुनने में मदद की है। इस प्रकार की खेती वर्ष 2022 तक उनकी आय दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। #WorldSoilDay pic.twitter.com/L40EXY6VY1
— Dr Raman Singh (@drramansingh) December 5, 2017
आज विश्व मृदा दिवस पर किसानों को जागरूक करने कृषि विज्ञान केंद्र दिल्ली में भी विश्व मृदा दिवस मनाया जा रहा है । इस अवसर पर आयोजित रबी किसान सम्मेलन में दिल्ली देहात के विभिन्न गांवों से 150 किसान मौजूद रहेंगे।

विश्व मिट्टी दिवस की संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर वर्ष 5 दसंबर को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उदेश्य .इस दिवस पर रोम, न्यूयॉर्क और सैंटियागो डे चिली में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ इन देशो में मिट्टी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और महत्वपूर्ण संसाधन के स्थायी उपयोग को बढ़ावा देने लिए वर्ष भर कुछ न कुछ कार्यक्रम किये जाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने मिट्टी के उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु विश्व मृदा दिवस को थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज और एफएओ ग्लोबल सोइल पार्टनरशिप (जीएसपी) के अनुरोध पर मंजूरी प्रदान की. गौरतलब है कि इस दिन थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज का जन्मदिन भी होता है।

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