माकपा और सुधाकरन के बीच अलप्पुझा में जुबानी जंग तेज

माकपा और सुधाकरन के बीच अलप्पुझा में जुबानी जंग तेज

माकपा और सुधाकरन के बीच अलप्पुझा में जुबानी जंग तेज
Modified Date: March 22, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: March 22, 2026 7:01 pm IST

अलप्पुझा (केरल), 22 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेताओं और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अंबलपुझा से चुनाव लड़ने के लिए पार्टी छोड़ने वाले जी सुधाकरन के बीच रविवार को जुबानी जंग और तेज हो गई।

वामपंथी नेता वी विजयराघवन और सुधाकरन के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद स्थिति और विकट हो गई।

विजयराघवन ने यहां माकपा के चुनावी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि किसी व्यक्ति ने प्रतिद्वंद्वी गठबंधनों में शामिल होने से पहले ‘कम्युनिस्ट घोषणापत्र’ का उल्लेख किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सुधाकरन पुस्तक की पहली पंक्ति तक समझने में विफल रहे। उन्होंने कहा, “हमें यह समझना होगा कि सुधाकरन ने कम्युनिस्ट घोषणापत्र को उल्टा पढ़ा था। यह साबित करने का अवसर है कि भले ही उन्होंने इसे उल्टा पढ़ा हो, हमने इसे सही ढंग से पढ़ा है।”

उन्होंने कहा, ‘‘शायद वह पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने आजीवन विधायक बने रहने की अपनी इच्छा पूरी न होने पर पार्टी छोड़ दी। ऐसी इच्छा को महत्वाकांक्षा कहते हैं।’’

विजयराघवन ने कहा, ‘‘सुधाकरन की मांगों में कुछ भी सही नहीं है और पार्टी के खिलाफ उनके रुख को हल्के में नहीं लिया जा सकता।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सुधाकरन को गुमराह होने से रोकने के लिए कई प्रयास किए, जिनमें मुख्यमंत्री पिनराई विजयन द्वारा उनसे तीन बार संपर्क करना भी शामिल था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि उन्हें कांग्रेस नेताओं के फोन आने की उम्मीद थी।

इन टिप्पणियों का जवाब देते हुए सुधाकरन ने पत्रकारों से कहा कि कम्युनिस्ट घोषणापत्र को ठीक से पढ़ने के बाद अब विजयराघवन की सोच ऐसी हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि वह यहां 10 मिनट भी बोलेंगे तो मुझे 5,000 वोट और मिल जायेंगे। विजयराघवन को अंबलपुझा या अलाप्पुझा के बारे में कुछ नहीं पता, क्योंकि वह यहां सिर्फ समिति की बैठकों में शामिल होने आए हैं। उन्हें जो कहना है कहने दें और जाएं।’’

चार बार के विधायक सुधाकरन ने अपनी पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया और चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया मंच पर उन पर और उनके परिवार पर निशाना साधा गया और अलाप्पुझा में पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें दरकिनार कर दिया गया।

यूडीएफ ने अंबलपुझा से कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है और इसके बजाय सुधाकरन का समर्थन करने का फैसला किया है।

सुधाकरन का मुकाबला नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव में मौजूदा विधायक एवं माकपा नेता एच सलाम से होगा।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश


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