ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद, लोग अफवाहों पर ध्यान न दें : मुख्यमंत्री मान
ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद, लोग अफवाहों पर ध्यान न दें : मुख्यमंत्री मान
चंडीगढ़, 28 मार्च (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को जनता को भरोसा दिया कि घबराहट में ईंधन की खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
मान ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे पास तेल का पर्याप्त भंडार है, जैसा कि हाल तक रहा करता था। हमारे देश में एलपीजी की आपूर्ति भी पर्याप्त है। मैं लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह करता हूं। हम मांग पूरी कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ लोग घबराहट में ईंधन की अंधाधुंध खरीदारी न करें। घरों में ईंधन का बड़ी मात्रा में भंडारण खतरनाक हो सकता है, और मैं ऐसे जोखिम न लेने की सलाह देता हूं।’’
मान ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, ‘‘राज्य में फिलहाल 12-14 दिनों के लिए पेट्रोल और डीजल और छह दिनों के लिए एलपीजी का भंडार है और आमतौर पर सालभर ऐसी ही स्थिति रहती है।’’
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को घटाकर तीन रुपये प्रति लीटर करने और डीजल को पूरी तरह से शुल्क से छूट देने के कदम का स्वागत किया।
मान ने हालांकि कहा कि उन्होंने केंद्र से आग्रह किया है कि पंजाब में गेहूं की बंपर फसल के मद्देनजर पेट्रोल, डीजल और डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) उर्वरक की बढ़ी हुई और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों की ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑनलाइन बैठक के दौरान, मैंने पंजाब से संबंधित सभी प्रमुख मुद्दों को उठाया। मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे राजनयिक माध्यमों का सक्रिय रूप से उपयोग करें, ताकि देश को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।’’
बैठक के दौरान, मान ने गेहूं की खरीद के सत्र को रेखांकित किया, जो एक अप्रैल से शुरू होता है और उन्हें आश्वासन दिया गया कि इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध होगा।
मान ने कहा, ‘‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिये, हमें राष्ट्रीय कोटे के लिए फसल खरीदनी होती है। हमने कहा कि फसलों की सुचारू आवाजाही के लिए ईंधन की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।’’
उन्होंने रेखांकित किया कि गेहूं की कटाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, ट्रॉली, हार्वेस्टर और ट्रक का उपयोग किया जाएगा, जो व्यापक जनहित में ईंधन की आपूर्ति बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
मान ने केंद्र से अनुरोध किया कि वह गोदामों से गेहूं के पुराने भंडार को तुरंत हटाया जाए, ताकि नई फसल के लिए जगह बन सके, जिसका उपयोग पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने भंडारण को हटाना और गेहूं की नई आवक की खरीद में तेजी लाना इन दिनों बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार इसका उपयोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना या सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से कर सकती है। हम इस भंडार को देने के लिए तैयार हैं, जिसे विशेष ट्रेनों के जरिए पहुंचाया जा सकता है। इससे हमारे गोदामों को खाली करने में भी मदद मिलेगी, ताकि हमें खरीद में कोई कठिनाई न हो।’’
इस बीच, मान ने संभावित लॉकडाउन की अफवाहों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और दोहराया कि ईंधन सहित आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी घबराहट में करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों या किसी भी अवैध गतिविधि में लिप्त लोगों पर लगाम के लिए विशेष टीम गठित की गई हैं। हमारी टीम इस दिशा में काम कर रही हैं और 27 मार्च तक 1,497 जांच की गईं और 301 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए।”
भाषा
धीरज दिलीप
दिलीप

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