नौकरशाही पर प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए,अनुरोध नहीं, उन्हें निर्देशित किया जाना चाहिए : गुढा

नौकरशाही पर प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए,अनुरोध नहीं, उन्हें निर्देशित किया जाना चाहिए : गुढा

नौकरशाही पर प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए,अनुरोध नहीं, उन्हें निर्देशित किया जाना चाहिए : गुढा
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: July 15, 2022 9:12 pm IST

जयपुर, 15 जुलाई (भाषा) राजस्थान के मंत्री राजेन्द्र गुढा ने शुक्रवार को कहा कि नौकरशाही पर प्रभावी नियंत्रण होना चाहिए और उनसे अनुरोध करने की बजाय उन्हें निर्देशित किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जनसुनवाई की व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

सैनिक कल्याण राज्य मंत्री गुढा ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस संस्कृति में फिट नहीं है और उनकी संस्कृति तुरंत काम करने की है।

वह बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे।

गुढा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमलोग कांग्रेस कल्चर (संस्कृति) के लोग नहीं है। हमने तो कांग्रेस की सरकार बनाई भी है, उसे बचाया भी है.. अभी हम कांग्रेस संस्कृति में सेट नहीं हो पाये हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम’’ से उनका मतलब स्पष्ट रूप से उनके सहित सभी छह विधायकों से था, जिन्होंने 2018 में विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गये।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा यह अनुरोध है कि आप अधिकारियों को समय सीमा दीजिए। आप उनसे यह कहिए कि आप (अधिकारी) काम करके वापस बताना.. चाहे वो आईएएस हो या आईपीएस। आप उनसे आग्रह मत कीजिए, यह मत कहिए कि .. देख लेना.. निवेदन है .. कृपा करके देख लेना.. ।’’

गुढा ने कहा ,‘ मेरा एक सुझाव है कि आप सरकार है तो अधिकारियों की लगाम खींच कर रखिये।’’

गुढा प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जनसुनवाई के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने जनसुनवाई पर कम लोगो के आने पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ यदि प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जनसुनवाई में लोगों की शिकायतों का समाधान करने वाली संस्कृति बनाई जाये तो इससे पार्टी को ताकत मिलेगी और उसका परिणाम बेहतर होगा। ’’

गुढा ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में आमतौर पर 500-1000 लोग जनसुनवाई में उनसे मिलने आते है, लेकिन आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जनसुनवाई में आने वालों की संख्या काफी कम है।

भाषा कुंज

राजकुमार

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