भूस्खलन में तीन मजदूरों की मौत, पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

भूस्खलन में तीन मजदूरों की मौत, पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

भूस्खलन में तीन मजदूरों की मौत, पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की
Modified Date: April 10, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: April 10, 2026 4:53 pm IST

शिवमोग्गा (कर्नाटक), 10 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के हुलिकल घाट के पास सड़क निर्माण स्थल पर भूस्खलन के कारण तीन मजदूरों की मौके पर मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान राघवेंद्र (37), राजू (30) और शब्बीर (40) के रूप में हुई है। ये सभी घटनास्थल पर दीवार निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार अपराह्न होसनगरा तालुक के हुलिकल घाट में एक घुमावदार मोड़ पर हुई।

उन्होंने बताया कि पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर खिसककर नीचे आ गए, जिससे श्रमिक मलबे में दब गए।

उन्होंने बताया कि इस घटना में मलबे में दबने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल ने चार घायल श्रमिकों को बाहर निकालकर इलाज के लिए कुंदापुर और उडुपी सहित आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया।

उन्होंने कहा कि यह हादसा घाट खंड पर वाहनों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाई जा रही एक अवरोधक (रिटेनिंग) दीवार के निर्माण के दौरान हुआ।

मंगलुरु से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की एक टीम शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।

अधिकारियों के मुताबिक, इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

सिद्धरमैया ने ‘एक्स’ पर कहा कि इस घटना के संबंध में ‘‘मैंने जिला प्रभारी मंत्री मधु बंगारप्पा से बात कर जानकारी प्राप्त की है।’’

मुख्यमंत्री ने लिखा, “शिवमोग्गा जिले के होसनगरा तालुक में हुलिकल घाट के मोड़ पर सड़क अवरोधक के निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से तीन श्रमिकों की जान जाने की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं प्रार्थना करता हूं कि श्रमिकों की आत्माओं को शांति मिले और उनके परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति मिले।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रासदी में उन श्रमिकों की जान चली गई है जो अपने परिवारों का सहारा थे। मानवीय आधार पर मृतक श्रमिकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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