अमेरिका के साथ व्यापार समझौता ऐतिहासिक, हम कृषि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहे: गोयल

अमेरिका के साथ व्यापार समझौता ऐतिहासिक, हम कृषि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहे: गोयल

अमेरिका के साथ व्यापार समझौता ऐतिहासिक, हम कृषि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहे: गोयल
Modified Date: February 4, 2026 / 12:22 pm IST
Published Date: February 4, 2026 12:22 pm IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को बुधवार को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए लोकसभा में कहा कि भारत इस समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है।

उन्होंने सदन में दिए वक्तव्य में यह भी कहा कि इस समझौते से भारत को विकसित बनाने की दिशा में देश की यात्रा को मजबूती मिलेगी।

गोयल ने कहा, ‘‘दोनों देश नियमित रूप से चर्चा कर रहे थे…दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है।’’

उनका कहना था कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए यह समझौता करने में सफल रहे हैं।

मंत्री ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर चर्चा की और इसके बाद ट्रंप ने अमेरिका के टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।’’

गोयल ने कहा, ‘‘मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए शुल्क से कम है।’’

उनका कहना था कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तुलनात्मक लाभ प्रदान करेगा।

मंत्री के अनुसार, भारतीय पक्ष विशेष रूप से कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है।

गोयल ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है।’’

उनका कहना था, ‘‘यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।’’

उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते की प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की आवश्यकताओं की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘देश को विकसित बनने के पथ पर आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा, विमानन, डेटा केंद्र और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होगी और अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी देश है।’’

भाषा हक

हक वैभव

वैभव


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