त्रिपुरा के माकपा नेता ने राज्य में अपराध में कमी संबंधी डीजीपी के दावे का विरोध किया
त्रिपुरा के माकपा नेता ने राज्य में अपराध में कमी संबंधी डीजीपी के दावे का विरोध किया
अगरतला, नौ जनवरी (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (माकपा) के वरिष्ठ नेता जितेंद्र चौधरी ने 2024 की तुलना में त्रिपुरा में अपराध दर में 2025 में 8.33 प्रतिशत की गिरावट आने के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ के दावे का शुक्रवार को विरोध किया।
त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता चौधरी ने आरोप लगाया कि धनखड़ ने जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करते हुए ‘‘राजनीतिक आकाओं को खुश करने’’ के लिए समग्र अपराध पर एक पहले से तैयार चार्ट पढ़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘24 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय के पास माकपा की रैली पर हमला किया गया था और जब पार्टी शिकायत दर्ज कराने गई तो पश्चिम अगरतला पुलिस थाना प्रभारी (ओसी) राणा चटर्जी ने कोशिश की कि शिकायत दर्ज नहीं की जाए।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में असामाजिक तत्व अगरतला के खेजुरागान में विधायक निवास (हॉस्टल) में घुस आए और एक विधायक को जान से मारने की धमकी दी।
वाम नेता ने कहा, ‘‘पुलिस विपक्षी दल की रैलियों को सुरक्षा देने में अक्सर असमर्थता जताती है जो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है लेकिन हमारे डीजीपी को कुल अपराध दर में 8.33 प्रतिशत की गिरावट का दावा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’
चौधरी ने त्रिपुरा उच्च न्यायालय के उस आदेश का भी स्वागत किया जिसमें राज्य सरकार को स्थायी रिक्त पदों के विरुद्ध भर्ती किए गए निश्चित वेतन वाले सभी कर्मचारियों को नियमित वेतनमान प्रदान करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त करने वाला विकसित भारत जी-राम-जी कानून लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी मूल रोजगार गारंटी अधिनियम को बहाल करने की मांग को लेकर लोगों के पास जाएगी।
डीजीपी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि 2025 में दर्ज अपराधों की कुल संख्या 3,698 रही, जो 2024 के 4,033 मामलों की तुलना में 8.3 प्रतिशत कम है।
भाषा सिम्मी नरेश
नरेश

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