त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने घुसपैठ पर कार्रवाई की रिपोर्ट तीन महीने के भीतर पेश करने का निर्देश दिया
त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने घुसपैठ पर कार्रवाई की रिपोर्ट तीन महीने के भीतर पेश करने का निर्देश दिया
अगरतला, तीन अप्रैल (भाषा) त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को अगले तीन महीनों के भीतर सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। एक वकील ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मुख्य न्यायाधीश एम एस रामचंद्र राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने टिपरा मोथा पार्टी के विधायक रंजीत देबबर्मा सहित तीन व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय द्वारा घुसपैठ रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाने के बावजूद राज्य सरकार इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी उपाय करने में विफल रही है।
याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले एंथनी देबबर्मा ने कहा, ‘‘खंडपीठ ने राज्य सरकार को गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार घुसपैठियों का पता लगाने, उन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित करने के लिए उठाए गए कदमों पर अगले तीन महीनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।’’
पूर्वोत्तर राज्य बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जिसमें से लगभग 85 प्रतिशत सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है।
अदालत के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए रंजीत देबबर्मा ने कहा कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घुसपैठ को तुरंत रोका जाना चाहिए।
विधायक ने कहा कि जहां अन्य राज्य गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें निर्वासित करने के लिए घुसपैठ रोधी अभियान आयोजित कर रहे हैं, वहीं त्रिपुरा सरकार इस संबंध में ठीक से काम नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कई मंचों पर यह मुद्दा उठाया था लेकिन मुझे कोई उचित जवाब नहीं मिला जिसके कारण मुझे अदालत का रुख करना पड़ा। अब इस मामले पर अंतिम फैसला अदालत ही लेगी।’’
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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