बेंगलुरु की आईटी कंपनी के डे-केयर सेंटर में बच्चों से दुव्यर्वहार के आरोप में दो आया गिरफ्तार

बेंगलुरु की आईटी कंपनी के डे-केयर सेंटर में बच्चों से दुव्यर्वहार के आरोप में दो आया गिरफ्तार

बेंगलुरु की आईटी कंपनी के डे-केयर सेंटर में बच्चों से दुव्यर्वहार के आरोप में दो आया गिरफ्तार
Modified Date: July 3, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: July 3, 2026 5:34 pm IST

बेंगलुरु, तीन जुलाई (भाषा) पुलिस ने बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी के परिसर में संचालित ‘डे-केयर सेंटर’ की दो आया को छोटे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कथित दुर्व्यवहार के वीडियो वायरल होने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई जिसके आधार पर मंजुला और विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार किया गया।

जांच अधिकारी ने बताया कि वीडियो की जांच के दौरान दोनों की पहचान हुई जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

दोनों को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, कथित वीडियो में देखा गया कि जब दो से तीन वर्ष की उम्र के बच्चे रोते थे या शोर मचाते थे, तो उनकी देखभाल करने वाली महिलाएं उन्हें धमकाती थीं।

आरोप है कि महिलाओं ने बच्चों को ‘फ्रंट-लोडिंग’ वॉशिंग मशीन के अंदर डाल दिया, उन्हें पश्चिमी शैली के शौचालय पर बैठाया, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुंह में पानी डाला, उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया और चुप रहने के लिए धमकाया।

जिस आईटी कंपनी ‘कैपजेमिनी’ के परिसर में यह डे-केयर सेंटर संचालित होता है, उसने एक बयान में कहा कि उसके कर्मचारियों और उनके परिवारों का स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘हम संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और तथ्यों का पता लगाने के उनके प्रयासों में सहायता कर रहे हैं।’’

घटना और उसके बाद हुई गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि राज्य में ऐसी घटनाओं को बिल्कुल न बर्दाश्त करने की नीति है।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल संबंधित कंपनी की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि ‘ब्रांड बेंगलुरु’ की छवि का भी है।

मंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने अपने विभाग के माध्यम से कंपनी से पहले ही स्पष्टीकरण मांगा है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसी बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों की अपनी नीतियां होती हैं, जो केवल भारत तक सीमित नहीं बल्कि वैश्विक मानकों पर आधारित होती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे उन्हीं नीतियों के अनुसार काम करें कि क्रेच कैसे चलाए जाएं, नर्सरी का संचालन कैसे हो और डे-केयर सेंटर किस तरह संचालित किए जाएं।’’

खरगे ने कहा कि इन कंपनियों की अपनी मानक संचालन प्रक्रियाएं होती हैं, जिनका पालन इस मामले में नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें उचित सत्यापन और विभिन्न प्रकार की पृष्ठभूमि की जांच करनी चाहिए थी। मेरा मानना है कि ऐसा नहीं किया गया।’’

मंत्री ने कहा कि वह कंपनी के लिखित जवाब का इंतजार कर रहे हैं और इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संगठन को ऐसी घटनाएं होने नहीं देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों से जुड़े मामलों को अत्यंत जिम्मेदारी के साथ संभाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जो कुछ हुआ है, वह वास्तव में शर्म से सिर झुका देने वाली घटना है।’’

खरगे ने यह भी बताया कि कर्नाटक महिला एवं बाल विकास विभाग ने डे-केयर सेंटर के संचालन और प्रबंधन के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी कर रखे हैं।

भाषा गोला नरेश

नरेश


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