डीआरडीओ के दो प्रमुख बख्तरबंद मंचों को जारी किया गया
डीआरडीओ के दो प्रमुख बख्तरबंद मंचों को जारी किया गया
नयी दिल्ली, 25 अप्रैल (भाषा) सशस्त्र बलों की उभरती परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजाइन और विकसित किए गए दो प्रमुख बख्तरबंद मंचों (तोपों) को शनिवार को सार्वजनिक किया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रक्षा विभाग (अनुसंधान एवं विकास) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में डीआरडीओ की प्रयोगशाला के परिसर में उन्नत बख्तरबंद मंचों (ट्रैक और पहिएदार) को सार्वजनिक किया जिसे वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान ने डिजाइन एवं तैयार किया है।
उसने एक बयान में कहा,‘‘रक्षा बलों की उभरती परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन मंचों को विकसित किया गया है।’’
उसने कहा कि दोनों मंचों को स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किये गये 30 मिमी ‘क्रूलेस बुर्ज’ के साथ एकीकृत किया गया है, जिसमें गतिशीलता, मारक क्षमता और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्नत विशेषताएं हैं।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 30 मिमी ‘क्रूलेस बुर्ज’ और 7.62 मिमी ‘पीकेटी गन’ में ऐसी व्यवस्था की गयी है कि ‘एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें’ दागी जा सकें।
उसने कहा कि मूल डिजाइन में कई भूमिकाओं का समावेश किया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि इसमें 65 प्रतिशत स्वदेशी घटक हैं और इसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने की योजना है।
मंत्रालय ने बताया कि इन मंचों का निर्माण दो उद्योग साझेदारों – ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड’ और ‘भारत फोर्ज लिमिटेड’ द्वारा कई लघु एवं मध्यम उद्यमों के सहयोग से किया गया है।
भाषा राजकुमार माधव
माधव
राजकुमार

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